जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 2025-26 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस 41 प्रतिशत तक बढ़ाई

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 2025-26 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस 41 प्रतिशत तक बढ़ाई

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने 2025-26 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस 41 प्रतिशत तक बढ़ाई
Modified Date: March 20, 2025 / 09:49 am IST
Published Date: March 20, 2025 12:37 am IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में 16 से 41 प्रतिशत तक की वृद्धि की घोषणा की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फारसी विभाग में 41.41 प्रतिशत फीस वृद्धि की गई है, जिससे वार्षिक शुल्क 6,700 रुपये से बढ़कर 9,475 रुपये हो गया है। वहीं, अरबी विभाग की फीस में 37.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे वार्षिक शुल्क 7,200 रुपये से बढ़कर 9,875 रुपये हो गया है।

इसी प्रकार, तुर्की और अन्य भाषाओं में बीए (ऑनर्स) सहित विदेशी भाषा कार्यक्रमों में भी 37.15 प्रतिशत की शुल्क वृद्धि की गई है।

राजनीति विज्ञान में एमए और बीए (ऑनर्स), चार वर्षीय बीए (बहुविषयक) और बी कॉम (ऑनर्स) सहित सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रमों की फीस अब 9,875 रुपये प्रति वर्ष होगी, जो कि पहले 7,425 रुपये थी और इस प्रकार इसमें 32.99 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बीएससी (बहुविषयक), भूगोल, गणित और भौतिकी सहित विज्ञान कार्यक्रमों के शुल्क में 34.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे फीस 7,800 रुपये से बढ़कर 10,475 रुपये प्रति वर्ष हो गई है।

इस वर्ष 25 पाठ्यक्रमों में-जिनमें नौ स्नातक, पांच स्नातकोत्तर, आठ डिप्लोमा और तीन उन्नत डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं-सीयूईटी मेधा के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा।

भाषा धीरज पारुल

पारुल


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।