जम्मू-कश्मीर एएनटीएफ ने सीमा पर रहने वालों को 3.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया

जम्मू-कश्मीर एएनटीएफ ने सीमा पर रहने वालों को 3.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया

जम्मू-कश्मीर एएनटीएफ ने सीमा पर रहने वालों को 3.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया
Modified Date: September 21, 2023 / 04:17 pm IST
Published Date: September 21, 2023 4:17 pm IST

जम्मू, 21 सितंबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में लगभग सात करोड़ रुपये मूल्य की साढ़े तीन किलोग्राम हेरोइन के साथ सीमा पर रहने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) राज कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर के रहने वाले जहीर अहमद को श्रीनगर के गैंगबग इलाके से विशेष सूचना पर गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘मादक पदार्थ तस्कर की गिरफ्तारी और उसके कब्जे से व्यवसायिक मात्रा में हेरोइन की बरामदगी एएनटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता है।’’

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उन्होंने कहा कि हेरोइन की तस्करी ज्यादातर सीमा पार से की जाती है और ‘‘हम इस बात का पता लगा रहे हैं कि यह खेप इस तरफ कैसे पहुंची – चाहे वह तस्करी की गई हो या ड्रोन के जरिए गिराई गई हो।’’

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या मामला नार्को-आतंकवाद से जुड़ा है।

कुमार ने कहा कि इस साल एएनटीएफ ने 15 प्राथमिकी दर्ज कीं, जिनमें से ज्यादातर केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती से संबंधित थीं और आरोपियों की गिरफ्तारियां पंजाब, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली सहित जम्मू-कश्मीर के बाहर से भी की गईं।

उन्होंने कहा, ‘‘तस्करों द्वारा जुटाई गई संपत्तियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जब्त किया जा रहा है। कई बैंक खाते भी फ्रीज किये गये हैं । उन्होंने कहा कि इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

उन्होंने आम जनता से आगे आने और युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए नशे के तस्करों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की।

एसएसपी ने कहा, ‘‘नशीला पदार्थ हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा है और हमें इस खतरे को खत्म करने के लिए हाथ मिलाने की जरूरत है।’’

भाषा रंजन रंजन नरेश

नरेश


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