जम्मू, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी मौत के मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपने के फैसले का रविवार को स्वागत किया।
पार्टी ने इसे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मौत की सजा दिलाने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में 15 साल की आदिवासी लड़की के कथित दुष्कर्म और उसके बाद हुई मौत के मामले की जांच शनिवार को अपराध शाखा को सौंप दी गई। आरोप है कि लड़की जिस स्कूल में पढ़ती थी उसके प्रधानाध्यापक ने कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी की 20 अगस्त को कथित तौर पर गर्भपात कराने के दौरान मौत हो गई थी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक शिक्षक और एक नर्स भी शामिल हैं।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई की उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रिया सेठी ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘हम जम्मू-कश्मीर प्रशासन के उस फैसले का स्वागत करते हैं, जिसके तहत इस चर्चित मामले को विशेष जांच के लिए अपराध शाखा को सौंपा गया है।’’
उन्होंने भरोसा जताया कि एजेंसी इस मामले की पूरी जांच करेगी और इसमें शामिल लोगों की पूरी कड़ी का पर्दाफाश करेगी, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अपराध को दबाने या छिपाने की कोशिश की थी।
सेठी ने प्रशासन से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए कानूनी कार्यवाही में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और तब तक कानूनी जवाबदेही के उच्चतम स्तर की मांग करती रहेगी जब तक कि उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल जाता।’’
भाजपा नेता ने इस घटना की निंदा करते हुए इस जघन्य अपराध में संलिप्त सभी आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की।
सेठी ने इस घटना को ‘इंसानियत पर कलंक’ करार देते हुए कहा कि एक मासूम बच्ची के यौन शोषण और असमय मौत के लिए जिम्मेदार लोग मौत की सजा के ही हकदार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बर्बर कृत्य ने पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है… मासूम बच्चों के खिलाफ ऐसी घिनौनी हरकतों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। दोषियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए और एक नजीर पेश करने वाला संदेश दिया जाना चाहिए, ताकि कोई भी हमारी बेटियों के खिलाफ दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे।’’
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश