केरलम के गृह मंत्री चेन्नीथला ने सोनिया गांधी के संस्मरण से जुड़े विवाद के लिए पेंगुइन की आलोचना की

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केरलम के गृह मंत्री चेन्नीथला ने सोनिया गांधी के संस्मरण से जुड़े विवाद के लिए पेंगुइन की आलोचना की

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 07:38 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 30 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने सोनिया गांधी के संस्मरण के भारत में प्रस्तावित प्रकाशन को लेकर जारी विवाद पर रविवार को ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ की कड़ी आलोचना की और इसे ‘संपादकीय समर्पण’ करार दिया।

उन्होंने एक बयान में कहा कि राजनीतिक दबाव के आगे संपादकीय स्वतंत्रता के साथ किसी भी तरह का समझौता लोकतंत्र के लिए गंभीर परिणाम हो सकता है।

पांडुलिपि में प्रस्तावित बदलावों को लेकर मतभेद के बाद सोनिया गांधी के संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ को भारत में प्रकाशित करने से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के पीछे हटने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए चेन्नीथला ने कहा कि जो प्रकाशन संस्था ‘अपनी ‘रीढ़’ से समझौता करती है, वह लोकतंत्र से भी समझौता करती है।’

गृह मंत्री ने इस घटनाक्रम को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह ‘संपादकीय समर्पण’ का उदाहरण है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि विचारों को संरक्षित करने, प्रकाशित करने और लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्थाओं को स्वतंत्र रहना चाहिए और उनमें सत्ता में बैठे लोगों के दबाव का सामना करने का साहस होना चाहिए।

चेन्नीथला ने आरोप लगाया कि यह विवाद उस केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का सीधा परिणाम है, जो उनके अनुसार ‘डर के जरिए शासन करती है’ और ‘सच्चाई से भयभीत है’।

उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को खुश करने के लिए सच्चाई को ‘संपादित करके हटाया नहीं जा सकता’। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में तथ्यों, विचारों और अलग-अलग दृष्टिकोणों को दबाने के बजाय खुले विमर्श के जरिए उन पर बहस होनी चाहिए, न कि संस्थागत दबाव के माध्यम से उनका दमन किया जाना चाहिए।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संस्मरण को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया, जब खबरें आईं कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पांडुलिपि के कुछ हिस्सों में बदलाव या उन्हें हटाने का सुझाव दिया था, जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

चेन्नीथला की यह प्रतिक्रिया पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के हालिया बयान के बाद आई, जिसमें उसने कहा था कि वह सोनिया गांधी के संस्मरण की प्रकाशक नहीं है।

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी प्रकाशक ‘अल्फ्रेड ए. नॉफ’ (जो पेंगुइन रैंडम हाउस की एक इकाई है) ने घोषणा की थी कि यह पुस्तक 10 नवंबर को जारी की जाएगी।

यह बयान ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद आया था, जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में ‘संपादकीय बदलाव’ करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक ने पुस्तक प्रकाशित करने से पीछे हटने का फैसला किया।

भाषा संतोष अविनाश

अविनाश