जम्मू-कश्मीर की मानसबल झील बुरी तरह प्रदूषित; सीवेज से दूषित हुआ पीने के पानी का स्रोत : सीपीसीबी
जम्मू-कश्मीर की मानसबल झील बुरी तरह प्रदूषित; सीवेज से दूषित हुआ पीने के पानी का स्रोत : सीपीसीबी
श्रीनगर, आठ अगस्त (भाषा) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मीठे पानी की प्रसिद्ध मानसबल झील में प्रदूषण के गंभीर स्तर का खुलासा हुआ है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी बड़ी चिंताएं पैदा हो गई हैं।
यह झील गांदरबल और बांदीपुरा जिलों के निवासियों के लिए प्राथमिक पेयजल स्रोत है।
सीपीसीबी द्वारा हाल ही में किए गए परीक्षणों से पता चला है कि झील सीवेज और ठोस कचरे से बुरी तरह दूषित है।
पर्यावरण कार्यकर्ता राजा मुजफ्फर भट की याचिका के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पानी की गुणवत्ता का आकलन करने का निर्देश दिए जाने के बाद सीपीसीबी ने अप्रैल में परीक्षण किए।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि 14 गांवों से कीटनाशकों सहित अनुपचारित सीवेज, लार नहर के माध्यम से मानसबल झील में प्रवेश कर रहा है, जिससे झील का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है।
एनजीटी ने इसी साल जनवरी में सीपीसीबी को परीक्षण कराने का आदेश दिया था।
सीपीसीबी के निष्कर्ष पारिस्थितिक क्षरण और स्थानीय आबादी के लिए संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की एक गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।
एकत्र किए गए पानी के सात नमूनों में से कोई भी ‘श्रेणी बी’ मानकों को पूरा नहीं करता है, जो दर्शाता है कि पानी स्नान के लिए भी अनुपयुक्त है।
सात नमूनों में से चार मानसबल झील से, दो प्राकृतिक झरनों से और एक लार नहर से लिया गया था।
रिपोर्ट सात परीक्षण स्थानों में से पांच को ‘श्रेणी डी’ के रूप में वर्गीकृत करती है, जिसका अर्थ है कि पानी केवल वन्यजीवन और मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त है।
केवल एक झरना ‘श्रेणी सी’ मानकों (उपचार के बाद पीने योग्य पानी) को पूरा करता है, जबकि दूसरा झरना ‘श्रेणी ए से डी’ के बुनियादी गुणवत्ता मानकों को भी पूरा करने में विफल रहा।
परीक्षणों में मल और कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के ऊंचे स्तर की पुष्टि हुई, जो मानव और पशु मल से संदूषण का संकेत देता है और ये पानी को सीधे उपयोग के लिए असुरक्षित बनाता है।
हालांकि, अधिकांश भारी धातुएं योग्य सीमा से नीचे पाई गईं।
सीपीसीबी ने पाया कि घरेलू अपशिष्ट जल सीधे झील में बह रहा है, साथ ही नगरपालिका का मिश्रित अपशिष्ट और प्लास्टिक भी तटों पर खुले तौर पर फेंक दिया जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण के पीछे प्राथमिक कारण अनुपचारित अपशिष्ट का अनियंत्रित प्रवाह है।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप

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