‘जन नायकन’ प्रमाणन विवाद: कांग्रेस ने केंद्र को ठहराया जिम्मेदार, भाजपा ने आरोपों का खंडन किया
‘जन नायकन’ प्रमाणन विवाद: कांग्रेस ने केंद्र को ठहराया जिम्मेदार, भाजपा ने आरोपों का खंडन किया
चेन्नई, आठ जनवरी (भाषा) अभिनय से राजनीति में आए विजय की फिल्म ‘‘जन नायकन’’ के सेंसर बोर्ड प्रमाणन के मुद्दे को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस नेताओं ने बृहस्पतिवार को जहां अभिनेता का पक्ष लेते हुए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती और लोकसभा सदस्य एस जोतिमणि ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की वजह से सीबीएफसी ने बहुभाषी फिल्म ‘जन नायकन’ को मंजूरी नहीं दी जिसे तय कार्यक्रम के तहत नौ जनवरी को प्रदर्शित किया जाना था।
निर्माता ने इस मामले को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया है। इसे विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। इसका निर्माण करने वाले केवीएन प्रोडक्शंस ने घोषणा की है कि वह भारी मन से फिल्म ‘जन नायकन’ के प्रदर्शन को टाल रहा है क्योंकि इन परिस्थितियों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने प्रमाणन विवाद में केंद्र की भूमिका होने से इनकार किया।
उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर कोयंबटूर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम उन पर (विजय पर) दबाव क्यों डालेंगे?’’
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में राज्य के नगर प्रशासन मंत्री केएन नेहरू ने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) केंद्र सरकार के अधीन कार्य करता है। उन्होंने कहा, ‘‘फिल्म प्रमाणन से हमारा क्या लेना-देना है?’’
नेहरू से जब कांग्रेस नेताओं द्वारा अभिनेता को समर्थन देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वे ऐसा क्यों कह रहे हैं।’’
ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस और डेटा एनालिटिक्स के अध्यक्ष चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘नौ साल पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी को चेतावनी दी थी कि तमिल सिनेमा को दबाकर तमिल संस्कृति और गौरव का अपमान न करें।’’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लेकिन नरेन्द्र मोदी ने जानबूझकर ‘जन नायकन’ का सीबीएफसी प्रमाणन रोककर और उसके प्रदर्शन को बाधित कर तमिल लोगों का फिर से अपमान किया है।’’
चक्रवर्ती ने अपने बयान के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित उस वक्तव्य का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिनेमा तमिल संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है और विजय की फिल्म ‘मर्सल’ में हस्तक्षेप करके तमिल गौरव को बदनाम करने की कोशिश न करें। ‘मर्सल’ फिल्म जीएसटी के कथित नकारात्मक संदर्भों पर भाजपा की आपत्ति के कारण विवादों में घिर गई थी।
करूर से कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने कहा कि फिल्म को प्रमाणपत्र देने से इनकार करना ‘तमिल फिल्म उद्योग पर हमला’ है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को, चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता और पसंद-नापसंद कुछ भी हो, इसकी निंदा करनी चाहिए।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक फिल्म सैकड़ों लोगों की कड़ी मेहनत और करोड़ों रुपये के निवेश से बनती है। इस तरह इसे रोकना रचनात्मक स्वतंत्रता के बिल्कुल खिलाफ है। राजनीतिक कारणों से इसे रोकना तो और भी खतरनाक है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और आयकर विभाग के साथ सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) ‘‘मोदी सरकार का एक राजनीतिक हथियार’’ बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चुपचाप खड़े होकर यह सब नहीं देख सकते।’’
इसी बीच, अन्नाद्रमुक के नेता एस के राजू ने मदुरै में संवाददाताओं से कहा कि हर चीज के लिए केंद्र को दोष देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘यह (केंद्र पर निशाना साधना) राजनीतिक रूप से प्रेरित है। केंद्र एक फिल्म के लिए क्यों परेशानी खड़ी करने की कोशिश करेगा?’’
पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता डॉ. तमिलिसाई सैंदर्यराजन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दोषी ठहराकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कल अदालत में स्पष्ट रूप से यह बात कही गई कि इस सेंसर प्रमाणपत्र का केंद्र सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज ‘जन नायकन’ के लिए आवाज उठा रही है।’’
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि कोई भी सीबीएफसी को प्रभावित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘ बोर्ड का सदस्य होने के नाते, मैं यह बात बहुत अच्छी तरह जानता हूं, और सब कुछ पूरी तरह पारदर्शी है। मामला अदालत में भी गया है, और अदालत ने सुनवाई की है।’’
नारायणन ने कहा, ‘‘जोतिमणि की बात करें तो हम सब जानते हैं कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ ट्वीट किया था। कांग्रेस के भीतर स्पष्ट रूप से एक बड़ा संघर्ष चल रहा है।’’
राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रवक्ता टी के एस इलनगोवन ने कहा कि भाजपा किसी भी स्वतंत्र निकाय को प्रभावित करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। अब भाजपा विजय पर दबाव डालने के लिए सीबीएफसी को प्रभावित कर रही है।’’
कांग्रेस में तमिलनाडु मामलों के प्रभारी गिरीश चोडनकर ने कहा कि अभिनेता विजय की नवीनतम फिल्म को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक सत्ता के दुरुपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राजनीतिक मतभेद समझ में आते हैं, लेकिन किसी कलाकार के काम को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।
चोडनकर ने कहा, ‘‘मोदी जी, अभिनेता विजय से नहीं, बल्कि नेता विजय से मुकाबला करके अपने 56 इंच के सीने वाले दावे को साबित कीजिए। याद रखिए, आपकी धमकी भरी राजनीति तमिलनाडु में काम नहीं आएगी।’’
भाषा धीरज वैभव
वैभव

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