झारखंड: रांची में 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

झारखंड: रांची में 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

झारखंड: रांची में 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया
Modified Date: May 21, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: May 21, 2026 5:33 pm IST

रांची, 21 मई (भाषा) झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को यहां पुलिस के समक्ष कुल 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और इन नक्सलियों का पूर्ण समर्थन के साथ पुनर्वास किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अन्य इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘विभिन्न मामलों में वांछित 27 माओवादियों ने ‘ऑपरेशन नवजीवन’ के तहत पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। 2026 में कुल 22 माओवादी मारे गए, 44 गिरफ्तार किए गए और 29 ने आत्मसमर्पण किया। हम शेष बचे कुछ माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हैं।’

मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करने वाले 27 माओवादियों का पुनर्वास किया जाएगा।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने कहा, ‘जिन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया है, हम उन लोगों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में आ जाएं।’

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले भाकपा (माओवादी) के अंतिम सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के समूह से संबंधित हैं, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम है और जो सारंडा और कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय था।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में सात ‘उप-क्षेत्रीय कमांडर’ थे, जिनमें 123 मामलों में वांछित सागेन आंगारिया उर्फ ​​डोकोल (50), 48 मामलों में वांछित गादी मुंडा उर्फ ​​गुलशन (34), 38 आपराधिक मामलों में वांछित नागेंद्र मुंडा उर्फ ​​प्रभांत मुंडा (50) और जेजेएमपी के सचिन बेग शामिल हैं।

छह ‘क्षेत्रीय कमांडरों’ ने भी हथियार डाल दिए। इनमें से सात में से पांच पर पांच लाख रुपये का इनाम था।

सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया।

उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को सारंडा जंगल में सुरक्षाकर्मियों द्वारा एक अभियान चलाने के बाद बेसरा के नेतृत्व वाली टीम को दो से तीन समूहों में विभाजित कर दिया गया था।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उसके गिरोह के कुछ प्रमुख सदस्य बेसरा के सहयोगी असीम मंडल के साथ चले गए हैं। मंडल पर भी एक करोड़ रुपये का इनाम है।

चाईबासा एसपी अमित रेणु ने कहा, “अब लगभग 16 . 17 माओवादी सारंडा जंगल में फंसे हुए हैं। सुरक्षा बल बेसरा और मंडल दोनों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”

भाषा तान्या नरेश

नरेश


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