झारखंड: चार गिरोह सदस्यों को पकड़ा गया, पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक घायल

झारखंड: चार गिरोह सदस्यों को पकड़ा गया, पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक घायल

झारखंड: चार गिरोह सदस्यों को पकड़ा गया, पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक घायल
Modified Date: August 8, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: August 8, 2026 7:01 pm IST

हजारीबाग, आठ अगस्त (भाषा) झारखंड के हजारीबाग जिले में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद दो गिरोहों के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियार एवं गोला-बारूद बरामद किए गए। इनमें से एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी अंकित कुमार पांडेय के बाएं पैर में गोली लगी है और उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि उसके मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फरार गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके गिरोह कोयलांचल शांति सेना (केएसएस) के साथ-साथ राहुल दुबे द्वारा संचालित गिरोह के संपर्क में था।

हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम पांडेय की तलाश कर रहे थे क्योंकि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 25 जुलाई को बरकागांव थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था और वहां केएसएस के नाम से एक पर्चा छोड़ा था।’’

उन्होंने बताया, ‘‘पूछताछ के दौरान पांडेय ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हमने उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक को हजारीबाग और दूसरे को रामगढ़ जिले से पकड़ा गया है।’’

आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उन्होंने पिपराडीह के पास एक बंद गैस प्लांट में हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखा है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके बाद पुलिस बरामदगी के लिए पांडेय को उस स्थान पर ले गई, जहां उसने कथित तौर पर छिपाए गए देसी पिस्तौल से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी और भागने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें पांडेय के बाएं पैर में गोली लगी।

एक अलग कार्रवाई में पुलिस ने रामगढ़ जिले से कर्मा कुमार साहू को गिरफ्तार किया।

बरकागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित आनंद ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों गिरोहों की संगठित आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और दोनों जिलों में उनके सदस्यों तक हथियार तथा गोला-बारूद पहुंचाने में शामिल था।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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