झारखंड पुलिस ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय के संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना से मदद मांगी
झारखंड पुलिस ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय के संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना से मदद मांगी
जमशेदपुर, 21 मार्च (भाषा) झारखंड पुलिस पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी के तट से बरामद द्वितीय विश्व युद्ध के समय के संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना से सहायता मांगेगी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पूर्वी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने बताया कि रांची स्थित बम पहचान एवं निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) ने बृहस्पतिवार को बहरागोड़ा में घटनास्थल का निरीक्षण किया और पाया कि उपकरण अब भी ठीक हालत में है और भारी है।
उन्होंने कहा, “बीडीडीएस टीम को आईईडी और छोटे विस्फोटकों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। हालांकि, उन्होंने आकलन किया कि पुराना बम अब भी ठीक अवस्था में है और इसके सुरक्षित निपटान के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञता की आवश्यकता है।’’
गर्ग ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडे ने सेना को पत्र लिखकर बम निरोधक इकाई से सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि यह उपकरण द्वितीय विश्व युद्ध के समय का प्रतीत होता है, हालांकि यह कहां से आया इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गोला-बारूद के निपटान के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
बीडीडीएस इकाई ने पुलिस को सूचित किया कि ‘‘शक्तिशाली बम को मानक प्रक्रियाओं का उपयोग करके नष्ट नहीं किया जा सकता है’’ और इसके लिए सेना के पास उपलब्ध उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है।
बहरागोड़ा के थाना प्रभारी अधिकारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और ग्रामीणों को वस्तु के पास जाने या उससे छेड़छाड़ करने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर से मिलता-जुलता बम, पानिपाड़ा-नागुदसाई मार्ग पर रेत की खुदाई के दौरान बरामद किया गया था।
उन्होंने कहा कि वस्तु पर अंकित निशान यह संकेत देते हैं कि यह कोई पुराना अमेरिका निर्मित बम हो सकता है। इस वस्तु पर ‘एएन-एम64 500 पाउंड… अमेरिकी…’ अंकित है।
भाषा तान्या सुरभि
सुरभि

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