संशोधित खदान कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जायेगा झारखंड : वित्त मंत्री
संशोधित खदान कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जायेगा झारखंड : वित्त मंत्री
रांची, 26 अगस्त (भाषा) झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार संशोधित खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर कानून) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएगी क्योंकि इससे राज्य के खजाने को राजस्व का भारी नुकसान होगा।
किशोर ने दावा किया कि इस संशोधन से राज्य को लगभग 14,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा जिससे खासकर महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘मइयां सम्मान योजना’ समेत कई सामाजिक कल्याण योजनाओं पर असर पड़ेगा।
वित्त मंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य ने चालू वित्त वर्ष में उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान लगाया था, लेकिन अब उसे यह रकम नहीं मिल पाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘वीबी-जी राम जी लागू होने के बाद राज्य को 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होने वाला है। जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाए जाने के बाद भी उसे 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अगर हम उपकर को भी इसमें जोड़ लें, तो राज्य को कुल 22,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। हम इतनी बड़ी रकम की भरपाई कैसे करेंगे?’’
किशोर ने कहा कि सरकार ने इस मामले को लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे और राहत पाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।’’
मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर कानून में किए गए बदलावों की समीक्षा करने और झारखंड के आर्थिक हितों पर उनके असर का आकलन करने के लिए वित्त एवं खनन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है।
उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड की खनिज संपदा राज्य की आर्थिक मजबूती का एक अहम आधार है। राज्य के राजस्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
इससे पहले इस महीने, संसद ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, जिसका मकसद खनिज अधिकारों और खनिज वाली भूमि पर कर लगाने के राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है।
भाषा
राजकुमार सिम्मी
सिम्मी

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