जेके लोन अस्पताल की उपलब्धि: दो माह के बच्‍चे की दुर्लभ बीमारी का मात्र 56 प्रतिमाह में किया इलाज

जेके लोन अस्पताल की उपलब्धि: दो माह के बच्‍चे की दुर्लभ बीमारी का मात्र 56 प्रतिमाह में किया इलाज

जेके लोन अस्पताल की उपलब्धि: दो माह के बच्‍चे की दुर्लभ बीमारी का मात्र 56 प्रतिमाह में किया इलाज
Modified Date: April 13, 2026 / 10:36 pm IST
Published Date: April 13, 2026 10:36 pm IST

जयपुर, 13 अप्रैल(भाषा) राजधानी जयपुर के जेके लोन अस्पताल के मेडिकल अनुवांशिकी विभाग ने एक दुर्लभ और जटिल बीमारी से पीड़ित दो माह के बच्चे का सफलतापूर्वक उपचार किया।

अस्पताल के अनुसार बच्चे का इलाज बेहद कम लागत सिर्फ 56 रुपये प्रतिमाह में संभव हुआ, जो अपने आप में एक मिसाल है।

मेडिकल अनुवांशिकी विभाग के प्रभारी डॉ. प्रियांशु माथुर ने बताया कि बच्चा बार-बार होने वाले संक्रमण से पीड़ित था और उसका अस्थि मज्जा सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा था।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के समय बच्चे का ‘एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट’ (एएनसी) मात्र 82 था, जो अत्यंत गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा खून की कमी के कारण उसे दो बार रक्त चढ़ाना पड़ा।

लक्षणों के आधार पर चिकित्सकों ने एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी ‘ट्रांसकोबालामिन-2 डिफिशिएंसी’ की संभावना जताई। जांच में इस बीमारी की पुष्टि हुई।

माथुर ने बताया कि इस बीमारी के अब तक विश्वभर में केवल लगभग 60 मामले सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि इलाज के लिए टीम ने जांच के बाद तुरंत ‘हाइड्रॉक्सीकॉबालामिन इंजेक्शन’ लगाना शुरू किया।

माथुर ने कहा कि इंजेक्शन की कीमत मात्र 14 रुपये है, हफ्ते में एक बार लगने वाले इस इंजेक्शन के डोज लगने के बाद बच्चे के अस्थि मज्जा ने पुन: रक्त और ‘इम्यून’ कोशिकाओं का निर्माण शुरू कर दिया।

कुछ ही समय में बच्चे का एएनसी 82 से बढ़कर 6,000 तक पहुंच गया।

माथुर ने बताया कि समय पर सही पहचान और उपचार शुरू होने से बच्चे की जान बचाई जा सकी।

‘ट्रांसकोबालामिन-2 डिफिशिएंसी’ नाम की इस बीमारी के कारण यह परिवार पहले ही अपने दो बच्चों को खो चुका था। इस बार सही समय पर हुई जेनेटिक पहचान ने तीसरे बच्चे को बचाया।

भाषा बाकोलिया जोहेब

जोहेब


लेखक के बारे में