पत्रकार-अनुवादक सुकांत दीपक को कर्ण सिंह फाउंडेशन अनुवाद फेलोशिप

पत्रकार-अनुवादक सुकांत दीपक को कर्ण सिंह फाउंडेशन अनुवाद फेलोशिप

पत्रकार-अनुवादक सुकांत दीपक को कर्ण सिंह फाउंडेशन अनुवाद फेलोशिप
Modified Date: April 10, 2026 / 03:32 pm IST
Published Date: April 10, 2026 3:32 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) लेखक और अनुवादक सुकांत दीपक को उनकी आगामी अनुवाद परियोजना के समर्थन हेतु कर्ण सिंह फाउंडेशन की अनुवाद फेलोशिप प्रदान की गई है।

फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि सुकांत अपने पिता और प्रसिद्ध हिंदी लेखक स्वदेश दीपक की चुनिंदा लघु कहानियों का अंग्रेजी में अनुवाद करेंगे।

दीपक ने कहा, ”मैं इस फेलोशिप को प्राप्त कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं, विशेष रूप से ऐसी संस्था से जो सांस्कृतिक संवाद और विचारों के अनुवाद को महत्व देती है। अपने पिता की कहानियों का अनुवाद करना उनके कार्य को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उनकी दुनिया को समझने का एक प्रयास भी है।”

एक प्रख्यात नाटककार, उपन्यासकार और लघु कथाकार स्वदेश दीपक 1960 के दशक से हिंदी साहित्यिक जगत में सक्रिय रहे और उन्होंने नाटकों, कहानियों, उपन्यासों तथा एक संस्मरण सहित कुल 17 कृतियों की रचना की। उनके प्रसिद्ध कृतियों में नाटक “कोर्ट मार्शल” और संस्मरण “मैंने मांडू नहीं देखा” शामिल हैं।

लेखक ‘बायपोलर डिसार्डर’ से पीड़ित थे और जून 2006 में सुबह टहलने के लिए निकले, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटे।

पूर्व सांसद कर्ण सिंह द्वारा प्रोत्साहित कर्ण सिंह फाउंडेशन सांस्कृतिक समृद्धि, शिक्षा और अंतःविषयक संवाद को बढ़ावा देने की भावना से प्रेरित संस्था। यह फाउंडेशन ऐसे फेलोशिप कार्यक्रमों का समर्थन करती है जिनका उद्देश्य उन विचारकों और सृजनकर्ताओं को प्रोत्साहित करना है जिनका कार्य भाषाई और सांस्कृतिक सीमाओं से परे है।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश


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