वक्फ अधिनियम के तहत दीवानी अदालतों का अधिकार क्षेत्र स्वतः समाप्त नहीं होता : न्यायालय

वक्फ अधिनियम के तहत दीवानी अदालतों का अधिकार क्षेत्र स्वतः समाप्त नहीं होता : न्यायालय

वक्फ अधिनियम के तहत दीवानी अदालतों का अधिकार क्षेत्र स्वतः समाप्त नहीं होता : न्यायालय
Modified Date: January 28, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: January 28, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वक्फ न्यायाधिकरणों का अधिकार क्षेत्र केवल उन संपत्तियों पर है जो “औकाफ की सूची” में अधिसूचित हैं या वक्फ अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं और दीवनी अदालतों को वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 85 के तहत स्वतः ही अधिकार क्षेत्र से वंचित नहीं किया जा सकता है।

अधिनियम की धारा 85 दीवानी न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र को न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेशों या न्यायाधिकरण के समक्ष प्रारंभ की जा सकने वाली कार्यवाही के संबंध में किसी भी मुकदमे या कार्यवाही पर विचार करने से रोकती है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने वक्फ अधिनियम के तहत अपंजीकृत संपत्ति से संबंधित तेलंगाना उच्च न्यायालय के एक फैसले को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।

पीठ ने कहा, “इसलिए, 1995 के अधिनियम की धारा 85 के तहत भी दीवानी अदालत के अधिकार क्षेत्र का कोई पूर्ण और सर्वव्यापी निष्कासन नहीं है।”

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति को वक्फ मानने का अधिकार न्यायाधिकरण के पास तभी होता है जब वह संपत्ति अधिनियम के तहत निर्दिष्ट “वक्फ की सूची” में शामिल हो।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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