कैलाश मानसरोवर यात्रा समाप्त, श्रद्धालुओं का आखिरी जत्था लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत लौटा

कैलाश मानसरोवर यात्रा समाप्त, श्रद्धालुओं का आखिरी जत्था लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत लौटा

कैलाश मानसरोवर यात्रा समाप्त, श्रद्धालुओं का आखिरी जत्था लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत लौटा
Modified Date: August 23, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: August 23, 2026 10:27 pm IST

पिथौरागढ़, 23 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए दसवें और आखिरी जत्थे के रविवार को लौटने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

भारतीय भूभाग में यात्रा की नोडल एजेंसी कुमाऊं मंडल विकास निगम के धारचूला आधार शिविर में तैनात आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 44 सदस्यीय आखिरी जत्थे ने सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर लिपुलेख दर्रा पार किया।

धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने बताया, ‘‘इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा में कुल 477 तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 154 महिलाएं शामिल थीं।’’

बिष्ट ने बताया कि बारिश के कारण सड़कों की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए तीर्थयात्रियों के जत्थे को सीधे धारचूला ही लाया गया अन्यथा कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें रविवार को बूंदी शिविर में विश्राम करना था।

इस साल पांच जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरूआत हुई थी।

भाषा सं दीप्ति आशीष

आशीष


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