करण सिंह ने तमिल नेताओं से सनातन धर्म पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने से बचने को कहा
करण सिंह ने तमिल नेताओं से सनातन धर्म पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने से बचने को कहा
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता करण सिंह ने बुधवार को तमिलनाडु के राजनेताओं से सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देश भर में बड़ी संख्या में लोगों को ‘तकलीफ’ पहुंचाते हैं।
सिंह ने एक बयान में कहा कि वरिष्ठ तमिल राजनेताओं द्वारा सनातन धर्म को निशाना बनाकर बार-बार की गई टिप्पणियां ‘पूरी तरह से अनुचित और अस्वीकार्य’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘उन्हें यह समझना होगा कि तमिलनाडु के बाहर करोड़ों लोग सनातन धर्म को हिंदू धर्म के रूप में देखते हैं और जातिगत नजरिये से देख कर उसकी आलोचना करना पूरी तरह अनुचित है।”
उन्होंने कहा कि तंजावुर, तिरुचिरापल्ली, श्रीरंगम, चिदंबरम, मदुरै मीनाक्षी और रामेश्वरम सहित हिंदू धर्म के कुछ सबसे प्रमुख मंदिर तमिलनाडु में स्थित हैं।
सिंह ने कहा, ‘मैं तमिलनाडु के सभी संबंधित लोगों से सनातन धर्म का अपमान करने से बचने का आग्रह करता हूं, क्योंकि इससे देश के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में रहने वाले लोगों को ठेस पहुंचती है।’
उनकी यह टिप्पणी तमिलनाडु के नेताओं द्वारा सनातन धर्म पर दिए गए बयानों को लेकर फिर से शुरू हुए विवाद के बीच आई है।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 13 मई को सनातन धर्म को ‘समाप्त’ करने की बात दोहराई। उन्होंने दावा किया था कि यह लोगों को विभाजित करता है। उन्होंने सितंबर 2023 में यह बयान दिया था।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) के विधायक मधर बदरुद्दीन (वी एम एस मुस्तफा) ने कथित तौर पर स्टालिन की टिप्पणियों का समर्थन किया था।
हालांकि, तीखी प्रतिक्रिया मिलने के बाद उन्होंने बाद में अपना बयान वापस ले लिया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि टीवीके किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह असमानता के विरोध में है।
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश

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