कर्नाटक : मुख्यमंत्री शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में 19 नये मंत्री शामिल

कर्नाटक : मुख्यमंत्री शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में 19 नये मंत्री शामिल

कर्नाटक : मुख्यमंत्री शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में 19 नये मंत्री शामिल
Modified Date: August 3, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: August 3, 2026 10:02 pm IST

बेंगलुरु, तीन अगस्त (भाषा) कर्नाटक में सोमवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के तहत 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। वहीं, मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से नाराज कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी पाटिल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने यहां लोक भवन परिसर में आयोजित समारोह में नये मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

मंत्री पद की शपथ लेने वाले कांग्रेस विधायकों में पीएम नरेंद्रस्वामी (मालवल्ली), शिवराज तंगडगी (कनकगिरी), रुद्रप्पा लामानी (हावेरी), केएस बसवंतप्पा (मायकॉन्डा), बी नागेंद्र (बेल्लारी ग्रामीण), टी रघुमूर्ति (चलकेरे), बीजेड जमीर अहमद खान (चामराजपेट), रिजवान अरशद (शिवाजीनगर), संतोष लाड (कलघटगी), मधु बंगारप्पा (सोराबा), पुट्टरंगाशेट्टी (चामराजनगर) और एसएस मल्लिकार्जुन (दावणगेरे उत्तर) शामिल हैं।

इनके अलावा, अजय सिंह (जेवरगी), एन चलुवरायस्वामी (नागमंगला), केएम शिवलिंगे गौड़ा (अरसीकेरे), एचसी बालकृष्ण (मगड़ी), बसवराज रायरेड्डी (येलबुर्गा), विजयानंद काशप्पनावर (बागलकोट) और लक्ष्मण सावदी (अथणी) ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

इससे पहले दिन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने शिवकुमार को पत्र भेजकर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले 20 नये मंत्रियों के नामों को पार्टी आलाकमान की मंजूरी मिलने की जानकारी दी।

हालांकि, इस सूची में शामिल विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) गायत्री शांतिगौड़ा को सोमवार को मंत्री पद की शपथ नहीं दिलाई गई। इसके चलते कर्नाटक मंत्रिमंडल में फिलहाल कोई महिला मंत्री नहीं है।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शांतिगौड़ा को आखिरी समय में मंत्रिमंडल में शामिल क्यों नहीं किया गया, लेकिन पार्टी के अंदरूनी हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनके चयन को लेकर राज्य के नेताओं के बीच मतभेद इसकी वजह था।

पहले की सूची में भटकल से विधायक मनकाला वैद्य का नाम भी शामिल था, जो पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का हिस्सा थे, लेकिन बाद में उनकी जगह एसएस मल्लिकार्जुन को मंत्री बनाने का फैसला किया गया।

सूची से वैद्य का नाम हटाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

शपथ ग्रहण समारोह में शिवकुमार के कैबिनेट सहयोगियों के अलावा एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद शपथ शामिल हुए। हालांकि, सिद्धरमैया ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

कर्नाटक में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को हो गया, लेकिन इसके साथ ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आ गया। मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे कुछ विधायकों ने मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर इस्तीफे की पेशकश की।

राज्य के इंडी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले यशवंतरायगौड़ा ने विधायक पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, सागर से विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने की मंशा जाहिर की।

मंत्री पद के कई दावेदारों के समर्थकों ने भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए।

बढ़ते असंतोष के बीच मुख्यमंत्री शिवकुमार ने नाराज नेताओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि आज वह जिस पद पर हैं, वहां तक पहुंचने में धैर्य ने ही उनकी मदद की।

शिवकुमार ने 28 मई को सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।

कर्नाटक मंत्रिमंडल में मंत्रियों की स्वीकृत संख्या मुख्यमंत्री समेत 34 है। सोमवार को हुए विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में एक पद खाली है।

शपथ लेने वाले 19 नये मंत्रियों में से सात सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली पिछली सरकार का भी हिस्सा थे।

हालांकि, सिद्धरमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल एचसी महादेवप्पा, एचके पाटिल, दिनेश गुंडू राव, के वेंकटेश, एमसी सुधाकर और लक्ष्मी हेब्बालकर जैसे वरिष्ठ विधायकों को शिवकुमार नीत कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

नये मंत्रिमंडल में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बच्चों को जगह दी गई हैं, जिनमें यतींद्र सिद्धरमैया (सिद्धरमैया के बेटे), कुमार बंगारप्पा (एस बंगारप्पा के बेटे) और अजय सिंह (एन धर्म सिंह के बेटे) शामिल हैं।

रुद्रप्पा लामानी अब तक कर्नाटक विधानसभा के उपाध्यक्ष थे और तीन जून को नये मंत्रिमंडल के गठन के दौरान यूटी खादर के मंत्री बनने के बाद अध्यक्ष पद का काम संभाल रहे थे। रायरेड्डी, सिद्धरमैया के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार थे।

साल 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले क्रमशः भाजपा और जद(एस) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी और शिवलिंगे गौड़ा भी मंत्री बनाए गए हैं।

पूर्व मंत्री जमीर अहमद खान भी मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं; उन पर नौ अप्रैल को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ “आंतरिक साजिश” रचने के आरोप लगे थे।

बी नागेंद्र, जिन पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है और जिन्होंने इस घोटाले में शामिल होने के आरोपों के बाद जून 2024 में सिद्धरमैया सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, उन्हें अब एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया है।

कांग्रेस आलाकमान ने कर्नाटक विधानसभा के नये अध्यक्ष के तौर पर जीएस पाटिल और उपाध्यक्ष के रूप में एएस पोन्नाना के नामों को भी मंजूरी दे दी है।

पार्टी ने सलीम अहमद को राज्य विधान परिषद का नया सभापति और उमाश्री को उपसभापति नियुक्त किया है।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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