भारत और उज्बेकिस्तान ने रक्षा, खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई

भारत और उज्बेकिस्तान ने रक्षा, खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई

भारत और उज्बेकिस्तान ने रक्षा, खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई
Modified Date: August 3, 2026 / 11:34 pm IST
Published Date: August 3, 2026 11:34 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) भारत और उज्बेकिस्तान ने सोमवार को रक्षा, व्यापार, खनन और ऊर्जा क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उज्बेकिस्तान के उनके समकक्ष बख्तियार सईदोव द्वारा दोनों देशों के समग्र द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा के दौरान यह सहमति बनी।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने प्रमुख क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा की। सईदोव नयी दिल्ली की यात्रा पर हैं।

वार्ता के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमने रणनीतिक साझेदारी की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें विशेष रूप से ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, व्यापार, रक्षा, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रमुख क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा की और बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।’’

जयशंकर ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं, खासकर आतंकवाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के मामले में।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की सराहना करते हैं कि उज्बेकिस्तान की सरकार और जनता ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ एक मजबूत रुख अपनाया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपकी अपनी चुनौतियां और अनुभव होते हैं, लेकिन हम जानते हैं कि दोनों देशों ने आतंकी ठिकानों और सीमा पार आतंकवाद बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है।’’

उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की।

भाषा देवेंद्र जोहेब

जोहेब


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