कर्नाटक बढ़ते अनुदान के कारण स्थानीय निकायों और पोषण से संबंधित राशि में कटौती को मजबूर हुआ:कैग
कर्नाटक बढ़ते अनुदान के कारण स्थानीय निकायों और पोषण से संबंधित राशि में कटौती को मजबूर हुआ:कैग
बेंगलुरु, 26 मार्च (भाषा) कर्नाटक सरकार को अनुदान (सब्सिडी) की राशि में बढ़ोतरी के कारण पोषण, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों को सहायता से जुड़ी अपनी कुछ जारी योजनाओं के लिए निर्धारित धन में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
कैग की 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए राज्य वित्त पर रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा अनुदान या वित्तीय सहायता को युक्तिसंगत बनाए बगैर या बेहतर लक्ष्यीकरण के बिना पांच गारंटी योजनाओं को वर्तमान स्वरूप में लागू करने से राज्य के वित्त पर ‘‘दबाव’’ पड़ेगा।
कांग्रेस सरकार ने 2024-25 में पांच गारंटी योजनाओं (‘शक्ति’, ‘गृह लक्ष्मी’, ‘गृह ज्योति’, ‘युवा निधि’ और ‘अन्न भाग्य’) पर 52,525 करोड़ रुपये खर्च किए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच गारंटी योजनाओं पर कुल व्यय राज्य के राजस्व का लगभग 20 प्रतिशत और राज्य के स्वयं के राजस्व का 27 प्रतिशत था।
भाषा
यासिर संतोष
संतोष

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