कर्नाटक: ‘म्यूल’ खातों से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़, महिला-बेटे समेत 12 लोग गिरफ्तार

कर्नाटक: ‘म्यूल’ खातों से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़, महिला-बेटे समेत 12 लोग गिरफ्तार

कर्नाटक: ‘म्यूल’ खातों से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़, महिला-बेटे समेत 12 लोग गिरफ्तार
Modified Date: January 15, 2026 / 07:07 pm IST
Published Date: January 15, 2026 7:07 pm IST

बेंगलुरु, 15 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस ने ‘म्यूल’ खातों से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला और उसके बेटे समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इन पर आरोप है कि ये लोग भोले-भाले लोगों के नाम पर अवैध रूप से बैंक खाते खोलते थे और उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी व ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए करते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला का बेटा कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुका है।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मोहम्मद उजैफ (22) ने अपनी मां शबाना अब्दुल बारी के साथ मिलकर लगभग 4,200 ‘म्यूल’ बैंक खाते खोले थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने समान नाम से बैंक खाते खोले व सिम कार्ड खरीदे और उन्हें अवैध लाभ के लिए आगे सौंप दिया।

अधिकारी ने बताया, “उजैफ और उसकी मां लोगों के नाम पर बैंक खाते खोल रहे थे, उनके नाम पर सिम कार्ड खरीद रहे थे, अवैध लाभ कमाने व अवैध रूप से सट्टेबाजी ऐप संचालित करने के लिए दुबई में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति को ये खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करा रहे थे।”

उन्होंने बताया कि इस गिरोह में नयी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोग शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, 28 नवंबर 2025 को विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसके बाद हुलिमावु थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने सूचना के आधार पर 29 नवंबर 2025 को जेपी नगर के नाइंथ फेस के अंजनापुरा स्थित एक अपार्टमेंट के पास से उजैफ और उसकी मां को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया, “पूछताछ के दौरान दोनों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।”

दोनों को 30 नवंबर को अदालत में पेश किया गया और 10 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पूछताछ के दौरान, उजैफ और शबाना ने खुलासा किया कि वे आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे और उनकी मदद से धोखाधड़ी करते थे।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके 10 अन्य साथी भी इस मामले में शामिल थे।

अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के बाद 17 दिसंबर को दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित एक परिसर से 10 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने उनके पास से डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन व लैपटॉप जब्त किए और अदालत की अनुमति से उन्हें बेंगलुरु ले आई।

पुलिस ने बताया कि उसने कुल मिलाकर 242 डेबिट कार्ड, 58 मोबाइल फोन, 531 ग्राम सोने के आभूषण, 4.89 लाख रुपये, नौ घड़ियां, 33 चेकबुक, 21 पासबुक, सात लैपटॉप, एक ऑनलाइन डिजिटल भुगतान वाली अंगूठी, एक क्रिप्टोकरेंसी बुक और 48 सिम कार्ड जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत एक करोड़ रुपये है।

पुलिस के मुताबिक, “मामले का मुख्य आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है।”

भाषा जितेंद्र खारी

खारी


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