कर्नाटक सरकार ने अधिकारियों को निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देने का निर्देश दिया

कर्नाटक सरकार ने अधिकारियों को निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देने का निर्देश दिया

कर्नाटक सरकार ने अधिकारियों को निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब देने का निर्देश दिया
Modified Date: January 22, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: January 22, 2026 7:11 pm IST

बेंगलुरु, 22 जनवरी (भाषा) जनता की शिकायतों के निवारण के संबंध में अधिकारियों द्वारा विधायकों को जवाब न दिए जाने की शिकायतों को देखते हुए, कर्नाटक सरकार ने एक परिपत्र जारी किया है जिसमें अधिकारियों को तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि अगर अधिकारी किसी कारणवश तुरंत जवाब न दे पाएं तो जल्द से जल्द संबंधित जनप्रतिनिधि से संवाद करें।

यह निर्देश कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी के 16 दिसंबर, 2025 के पत्र के बाद जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने इस बात पर चिंता जताई थी कि कुछ अधिकारी सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे थे।

बुधवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों के साथ-साथ सांसदों को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों से जनता द्वारा उठाए गए मुद्दों के निवारण के लिए अक्सर अधिकारियों से संपर्क करने की आवश्यकता होती है।

मुख्य सचिव शालिनी रजनीश द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है, ‘‘मुझे यह जानकारी मिली है कि ऐसी परिस्थितियों में, कुछ अधिकारी जन प्रतिनिधियों द्वारा किए गए फोन कॉल का जवाब नहीं देते हैं। इसके अलावा, जब अधिकारी उस समय अन्य अत्यावश्यक कार्यों में व्यस्त होते हैं, तब वे बाद में शिष्टाचारवश भी वापस कॉल नहीं करते हैं।’’

परिपत्र में कहा गया कि इस बात को ध्यान में रखते हुए, सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्वाचित प्रतिनिधियों – जिनमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, एमएलसी और विधायक शामिल हैं – के संपर्क नंबर अपने पास रखें और यह सुनिश्चित करें कि उनके फोन कॉल का जवाब दिया जाए।

भाषा शफीक नरेश

नरेश

शफीक


लेखक के बारे में