कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को राज्यपाल ने दिया भरोसा, संविधान के मुताबिक लेंगे फैसला .

कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को राज्यपाल ने दिया भरोसा, संविधान के मुताबिक लेंगे फैसला .

कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को राज्यपाल ने दिया भरोसा, संविधान के मुताबिक लेंगे फैसला .
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: May 16, 2018 12:24 pm IST

बेंगलूरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे तो साफ हो गए हैं लेकिन इस चुनाव के बाद किसकी बनेगी सरकार ये तय नहीं हो पाया है। एक तरफ जहां  बीजेपी अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस 112 विधायकों के पूर्ण बहुमत  के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है.इस बीच पूरे देश का ध्यान  राज्यपाल वजुभाईवाला के तरफ टिका है। 

 

 

लेकिन कांग्रेस अपने किसी भी दावे से न चूक जाये उसे ध्यान में रख कर आज वो अपने बहुमत दिखाने गवर्नर हाउस में पुरे 112 विधायकों की उपस्थिति दर्ज करवाने गया है। कांग्रेस और जेडीएस के सभी विधायक अपने पत्र लेकर राज भवन पहुंच गए हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि समर्थन पत्र पर कांग्रेस के कुल 78 में से तीन विधायकों के हस्ताक्षर नहीं हैं.

 

सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस पार्टी इस वक्त पूरे आक्रामक तेवर में हैं।कांग्रेस की आगे कि रणनीति की बात करें तो अब वो आर पार की राजनीति कर रही है। उसने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए हैं कि अगर गवर्नर उनकी बात पर महत्व नहीं देते तो वे उनके  फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालेंगे साथ ही  जरुरत पड़ने पर वे राष्ट्रपति के पास भी शिकायत करेंगे। 

 

 

वहीं दूसरी तरफ ये भी खबर आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए पूरे जोर लगा रही है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं. इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है, जिससे लिंगायत समुदाय के विधायक येदियुरप्पा के संपर्क में आ जाएं. इसके अलावा बीजेपी को राज्यपाल के फैसले का भी इंतजार है.

 

वेब डेस्क IBC24

 


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