कर्नाटक के मंत्री नागेंद्र ने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया

कर्नाटक के मंत्री नागेंद्र ने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया

कर्नाटक के मंत्री नागेंद्र ने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया
Modified Date: August 26, 2026 / 12:22 pm IST
Published Date: August 26, 2026 12:22 pm IST

बेंगलुरु, 26 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने बुधवार को मीडिया में आई उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है।

इस बीच, अटकलें लगाई जा रही थीं कि योजना एवं सांख्यिकी मंत्री ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मुलाकात की है।

ऐसी अफवाह थी कि नागेंद्र ने शिवकुमार से कहा कि वह पार्टी नेतृत्व को और शर्मिंदा नहीं करना चाहते और इसलिए वह बुधवार शाम तक स्वेच्छा से इस्तीफा देना चाहते हैं।

नागेंद्र के कार्यालय ने उनके हवाले से एक बयान में इन खबरों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘मीडिया में अभी जो खबरें आ रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। मुझे मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई फोन नहीं आया है और इस्तीफे को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। मैं आपसे सहयोग का अनुरोध करता हूं।’’

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित तौर पर 89 करोड़ रुपये की अनियमितताओं को लेकर नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही हैं।

विपक्ष ने विधान सौध के अंदर और बाहर नारेबाजी एवं प्रदर्शन करके कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र में बाधा डाली जिसके कारण सत्र को तय समय से तीन दिन पहले 24 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।

वाल्मीकि निगम का मामला मई 2024 में निगम के लेखा अधिकारी चंद्रशेखरन पी. की आत्महत्या के बाद सामने आया। चंद्रशेखरन ने एक नोट छोड़ा था जिसमें उन्होंने धनराशि के अनधिकृत हस्तांतरण का आरोप लगाया था।

जांच के बाद आरोप लगा कि निगम के बैंक खातों से कई अलग-अलग खातों में बड़ी रकम हस्तांतरित की गई थी जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और नागेंद्र के इस्तीफे की मांग उठने लगी।

उस समय आदिवासी कल्याण मंत्री रहे नागेंद्र ने विवाद के बीच जून 2024 में इस्तीफा दे दिया था और बाद में तीन अगस्त, 2026 को उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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