पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ कर्नाटक के मंत्री सुधाकर का अंतिम संस्कार
पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ कर्नाटक के मंत्री सुधाकर का अंतिम संस्कार
चित्रदुर्ग (कर्नाटक), 11 मई (भाषा) कर्नाटक के मंत्री डी. सुधाकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को चल्लकेरे में किया गया जहां दिवंगत नेता को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी।
अंतिम संस्कार जैन परंपराओं के अनुसार किया गया, उनके बेटे सुहास ने उनकी चिता को अग्नि दी।
योजना एवं सांख्यिकी मंत्री का रविवार तड़के बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पिछले कुछ समय से उनका फेफड़ों के संक्रमण का इलाज हो रहा था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर से विधायक सुधाकर 66 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू.टी. खादर और गृह मंत्री जी. परमेश्वर उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
सुधाकर ने अपना पहला चुनाव 2004 में कांग्रेस के टिकट पर चल्लकेरे से जीता था। परिसीमन के बाद चल्लकेरे के अनुसूचित जनजाति (एसटी)-सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र बनने के बाद उन्होंने अपना आधार हिरियुर में स्थानांतरित कर दिया।
चूंकि 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया इसलिए सुधाकर ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने तत्कालीन बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का समर्थन किया और मंत्री बने। बाद में वह कांग्रेस में लौट आए और 2013 और 2023 में हिरियुर से जीत हासिल की।
पार्टी नेताओं के अनुसार, सुधाकर एक व्यवसायी भी थे जो अक्सर जरूरतमंदों की सेवा के लिए दान करते थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जैन समुदाय की बहुत कम उपस्थिति है और अल्पसंख्यक समुदाय से होने के बावजूद उन्हें लोकप्रियता मिली तथा हिरियुर और चल्लकेरे दोनों में उनकी राजनीतिक पकड़ थी।
राज्य सरकार ने सोमवार को चित्रदुर्ग जिले में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा की है। दिवंगत नेता के सम्मान में राज्य भर में रविवार से तीन दिनों के लिए राजकीय शोक की घोषणा की गई है।
कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सुधाकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे राज्य के लिए ‘‘महत्वपूर्ण’’ बताया।
भाषा सुरभि माधव
माधव

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