कर्नाटक: मंत्री के विरुद्ध आरोप एवं प्रतिमा विरूपित करने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

कर्नाटक: मंत्री के विरुद्ध आरोप एवं प्रतिमा विरूपित करने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

कर्नाटक: मंत्री के विरुद्ध आरोप एवं प्रतिमा विरूपित करने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: December 20, 2021 7:44 pm IST

बेलगावी (कर्नाटक), 20 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को विपक्षी कांग्रेस ने, जमीन हड़पने के एक मामले में शहरी विकास मंत्री बैरथी बसवराज की कथित संलिप्तता के मुद्दे पर चर्चा की मांग की जिसके बाद सदन में विरोध और हंगामा हुआ।

इस बीच, जनता दल (एस) ने ‘स्वतंत्रता सेनानी’ संगोली रायन्ना की प्रतिमा को विरूपित करने और कन्नड़ ध्वज को जलाने के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री आर एल जलप्पा को श्रद्धांजलि देने के बाद ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। जलप्पा का शुक्रवार को निधन हो गया था।

विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कगेरी ने जैसे ही प्रश्नकाल की शुरुआत की, कांग्रेस के सदस्य सदन के वेल में आ गए और मंत्रालय से बसवराज की बर्खास्तगी की मांग करने लगे। जद (एस) के विधायकों ने कन्नड़ ध्वज के रंग वाले स्कार्फ पहनकर विरोध जताया और बेलगावी में संगोली रायन्ना की प्रतिमा को विरूपित करने और महाराष्ट्र में कन्नड़ ध्वज को जलाने के मुद्दे पर चर्चा करने की मांग उठाई।

नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया ने अध्यक्ष ने अनुरोध किया कि वह प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे न बढ़ाएं और महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की अनुमति दी जाए। इस पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि केवल इसलिए क्योंकि विपक्ष वेल में है, प्रश्नकाल रद्द नहीं किया जाना चाहिए और इसे नियमानुसार चलने देना चाहिए वरना उन विधायकों के अधिकार का हनन होगा जिन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपने सवाल रखे हैं।

हंगामे के बीच सदन के अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी। प्रश्नकाल के बाद, कगेरी ने कहा कि पिछले कुछ दिन में जो घटनाएं हुई हैं उन पर चर्चा करने को सरकार तैयार है। अध्यक्ष ने कांग्रेस सदस्यों से अपने आसन पर वापस जाने को कहा। मुख्यमंत्री बोम्मई ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि अगर कांग्रेस के सदस्य अपने आसन पर वापस चले जाएं तो हाल की घटनाओं पर चर्चा करने की अनुमति दी जाए।

बोम्मई ने कहा कि विपक्ष के सदस्य सदन के वेल में रहकर मुद्दों पर चर्चा नहीं कर सकते। कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं हुई और जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर के भोजन तक के लिए स्थगित कर दी। भोजनावकाश के बाद सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार राज्य से जुड़े मुद्दों और हाल की घटनाओं पर चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो विपक्ष अपना विरोध वापस ले लेगा। इसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

भाषा यश शाहिद

शाहिद


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