ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र में ‘कवच’ प्रणाली से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी: ओडिशा के मुख्यमंत्री

ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र में ‘कवच’ प्रणाली से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी: ओडिशा के मुख्यमंत्री

ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र में ‘कवच’ प्रणाली से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी: ओडिशा के मुख्यमंत्री
Modified Date: June 23, 2026 / 12:37 pm IST
Published Date: June 23, 2026 12:37 pm IST

भुवनेश्वर, 23 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर) क्षेत्र के 631 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर ‘कवच’ प्रणाली की तैनाती से यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी भारतीय रेल द्वारा ईस्ट कोस्ट रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए 270 करोड़ रुपये की लागत से ‘कवच’ प्रणाली लागू करने को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद की।

माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वदेश में विकसित यह आधुनिक तकनीक संपर्क व्यवस्था को और मजबूत करेगी, आर्थिक विकास को गति देगी तथा ओडिशा के लोगों के लिए अधिक सुरक्षित और दक्ष रेल प्रणाली के निर्माण में योगदान देगी।’’

उन्होंने इस पहल को राज्य के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा, ट्रेन परिचालन में सुधार होगा और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने रेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

‘कवच’ भारत में विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जिसे सिग्नल की अवहेलना, अत्यधिक गति और ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोककर रेल सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि यह प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखती है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर परिचालन सुरक्षा को बढ़ाती है।

यह परियोजना ईस्ट कोस्ट रेलवे के छह महत्वपूर्ण रेलखंडों—बाघुआपाल-बूढ़ापंक, हरिदासपुर-पारादीप, खुर्दा रोड-बलांगीर, नौपाड़ा-गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़ तथा बोब्बिली-सालुर—को कवर करेगी।

अधिकारी ने कहा कि ‘कवच’ प्रणाली घने कोहरे सहित प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी ट्रेनों के सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन में मदद करेगी, जिससे रेल सेवाओं की समयबद्धता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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