केरल: तिरुवनंतपुरम महापौर के दफ्तर के बाहर माकपा और भाजपा पार्षदों के बीच झड़प
केरल: तिरुवनंतपुरम महापौर के दफ्तर के बाहर माकपा और भाजपा पार्षदों के बीच झड़प
तिरुवनंतपुरम, 25 जून (भाषा) केरल की राजनीति में हालिया घटनाक्रमों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान बृहस्पतिवार को तिरुवनंतपुरम नगर निगम के महापौर के कार्यालय के बाहर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों के बीच मामूली झड़प से तनाव की स्थिति बन गई। माकपा हाल ही में एक हमले के मामले में गिरफ्तार किये गये भाजपा पार्षद आर. सुगाथन के इस्तीफे की मांग कर रही है। सुगाथन के खिलाफ केरल असामाजिक गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (कापा) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
केरल उच्च न्यायालय ने एक फैसले में नगर निगम में भाजपा के कई पार्षदों द्वारा ली गई शपथ को अमान्य ठहरा दिया था, जिसके एक दिन बाद यह झड़प हुई।
इन पार्षदों ने शपथ लेते समय ‘ईश्वर’ के अलावा अन्य नामों का उल्लेख किया था या निर्धारित शपथ/प्रतिज्ञान प्रारूप से अलग शब्दों का इस्तेमाल किया था।
माकपा ने यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भाजपा पार्षदों द्वारा दोबारा ली गई शपथ निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी।
वामपंथी पार्षदों ने बृहस्पतिवार को महापौर वी. वी. राजेश के कक्ष के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, जब राजेश भाजपा पार्षदों के साथ अपने कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तब माकपा पार्षदों ने उन्हें कथित तौर पर रोक दिया।
पुलिस के अनुसार इससे दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच थोड़ी देर के लिए झड़प हो गई।
पुलिस ने बताया कि इस झड़प में कई महिला पार्षद घायल हो गईं और उनमें से कुछ को अस्पताल ले जाया गया। पुलिसकर्मी जल्द ही मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप किया, जिसके बाद महापौर अपने कक्ष में प्रवेश कर सके।
राजेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे साथ पार्षद और आम लोग भी थे। अगर महापौर के कार्यालय को घेर लिया जाए और लोगों को अंदर जाने से रोका जाए, तो जनसामान्य के कामकाज कैसे होंगे?’’
उन्होंने कहा कि इस घटना में कई पार्षद घायल हो गये, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। राजेश ने कहा, ‘‘उन्हें बाहर विरोध-प्रदर्शन करने की पूरी स्वतंत्रता थी और किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। लेकिन अगर महापौर के कार्यालय को ही अवरुद्ध कर दिया जाए, तो लोगों के कामकाज कैसे आगे बढ़ेंगे?’’
उन्होंने कहा कि वह ‘‘किसी भी तरह की गुंडागर्दी’’ के आगे नहीं झुकेंगे।
हालांकि, माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षदों ने हिंसा का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी एक महिला पार्षद के सिर में चोट लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भाषा जितेंद्र अमित
अमित

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