केरल के मुख्यमंत्री ने अभियोजन मंजूरी में न्यायपालिका की भूमिका पर उठाया सवाल
केरल के मुख्यमंत्री ने अभियोजन मंजूरी में न्यायपालिका की भूमिका पर उठाया सवाल
तिरुवनंतपुरम, आठ जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि अभियोजन की मंजूरी देने का अधिकार सरकार के पास है, लेकिन यह एक ‘‘सैद्धांतिक प्रश्न’’ है कि क्या यह अधिकार न्यायपालिका अपने हाथ में ले रही है।
सतीशन ने यह टिप्पणी 2015 के भ्रष्टाचार मामले में केरल राज्य काजू विकास निगम (केएससीडीसी) के पूर्व अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारियों और इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आर. चंद्रशेखरन के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शुरू में जारी मंजूरी आदेश से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियोजन मंजूरी का प्रारंभिक आदेश ‘‘त्रुटिपूर्ण’’ पाया गया था, इसलिए उसका संशोधित आदेश अदालत प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने वह आदेश अदालत को नहीं दिया। जब हमें लगा कि आदेश में कुछ गड़बड़ है, तो हमने उसे अदालत में पेश नहीं किया। इसके बजाय हमने संशोधित आदेश अदालत को सौंपा।’’
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार ने मंजूरी देने का फैसला किया क्योंकि शुरुआती तौर पर उसे लगा कि मामला बनता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने अभियोजन की मंजूरी नहीं दी थी, लेकिन हमने दी, जबकि इस मामले में हमारी पार्टी का एक सदस्य भी शामिल है।’’
उन्होंने कहा कि यह मामला कुछ ‘‘गंभीर कानूनी सवाल’’ भी खड़े करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कानून के तहत अभियोजन की मंजूरी देने का अधिकार सरकार के पास है। ऐसे में यह एक सैद्धांतिक प्रश्न है कि क्या सरकार का यह अधिकार न्यायपालिका अपने हाथ में ले रही है। हम इस पहलू पर बेहद गंभीरता से गौर कर रहे हैं।’’
इस बीच, केरल उच्च न्यायालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी के. बिजू को पहले जारी अभियोजन स्वीकृति आदेश की सामग्री को लेकर अवमानना का नोटिस जारी किया। अदालत के संज्ञान में यह आदेश आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने कहा कि वह संबंधित अधिकारी को नहीं बख्शेंगे, क्योंकि दो जुलाई को जारी पहले अभियोजन स्वीकृति आदेश में न्यायपालिका पर दोषारोपण किया गया था। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अधिकारी के. बिजू इस मामले के आरोपियों को बचाने की कोशिश करते हुए प्रतीत होते हैं।
भाषा आशीष माधव
माधव

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