केरल: टिकट नहीं देने पर भाकपा विधायक मुकुंदन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दी

केरल: टिकट नहीं देने पर भाकपा विधायक मुकुंदन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दी

केरल: टिकट नहीं देने पर भाकपा विधायक मुकुंदन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दी
Modified Date: March 9, 2026 / 04:25 pm IST
Published Date: March 9, 2026 4:25 pm IST

त्रिशूर (केरल), नौ मार्च (भाषा) नट्टिका से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के मौजूदा दलित विधायक सी.सी. मुकुंदन ने सोमवार को ऐलान किया कि यदि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का टिकट नहीं दिया गया, तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के हिस्से के रूप में भाकपा को जिन 25 सीट पर चुनाव लड़ना है, उसके लिए उसने उम्मीदवारों का चयन लगभग पूरा कर लिया है।

अटकलें हैं कि नट्टिका से मुकुंदन की जगह पूर्व विधायक गीता गोपी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

त्रिशूर जिले का नट्टिका अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है और लंबे समय से भाकपा का गढ़ रहा है।

मुकुंदन को क्षेत्र में उनकी साफ-सुथरी छवि के कारण मतदाताओं का व्यापक समर्थन प्राप्त है।

मुकुंदन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि पार्टी के भीतर अंतर्कलह के कारण उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया, ’’उन्हें (पार्टी) धन चाहिए और मैं दूसरों की तरह धन उपलब्ध नहीं करा सकता। इसलिए उन्होंने ऐसे उम्मीदवार को चुना है, जो धन जुटा सके।”

मुकुंदन ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के नेताओं से बातचीत हुई है।

उन्होंने कहा, “हां, कई नेताओं ने मुझसे संपर्क किया है। लेकिन मैं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहता हूं। इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जाएगा।”

इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी उन्हें टिकट नहीं देती है, तो भी वह चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं उम्मीदवार के रूप में मैदान में रहूंगा।”

भाकपा नेतृत्व ने अभी तक मुकुंदन के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दूसरी ओर, गीता गोपी ने पत्रकारों से कहा कि वह पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करेंगी और दूसरों की टिप्पणियों का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इस बीच, कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने मीडिया से कहा कि मुकुंदन ने हाल ही में उनसे संपर्क किया था।

उन्होंने कहा, “हम अच्छे मित्र हैं और विधानसभा में अक्सर बातचीत होती है। कल उन्होंने बताया कि उन्हें टिकट नहीं मिला है। मैंने उनसे उनकी योजना के बारे में पूछा और कहा कि कोई भी निर्णय होने पर मुझे बताएं।”

चेन्निथला ने कहा कि मुकुंदन को यूडीएफ में शामिल करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है और उन्होंने यह भी कहा कि गोपी भी उनके अच्छे मित्रों में से हैं।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप


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