केरल: माकपा नेता दिनेशन ने माना पार्टी की कमियों के कारण चुनाव में मिली हार

केरल: माकपा नेता दिनेशन ने माना पार्टी की कमियों के कारण चुनाव में मिली हार

केरल: माकपा नेता दिनेशन ने माना पार्टी की कमियों के कारण चुनाव में मिली हार
Modified Date: July 3, 2026 / 11:26 am IST
Published Date: July 3, 2026 11:26 am IST

तिरुवनंतपुरम, तीन जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता पुथलाथ दिनेशन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के चयन, शबरिमला सोना चोरी मामले में कार्रवाई में देरी और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रचार अभियान का प्रभावी ढंग से जवाब देने में विफलता सहित पार्टी की कई कमियां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की हार का कारण बनीं।

माकपा राज्य सचिवालय के सदस्य दिनेशन ने बृहस्पतिवार रात ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि पय्यन्नूर और थालिपरंबा विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर हुए विवादों के बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसले ‘फायदेमंद साबित नहीं हुए’।

पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य रहे दिनेशन ने स्वीकार किया कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े शबरिमला सोना चोरी विवाद में पार्टी आवश्यक तत्परता के साथ कार्रवाई करने में विफल रही।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि पद्मकुमार के जेल में होने के दौरान कार्रवाई करने में कुछ सीमाएं थीं लेकिन मामले की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए कार्रवाई नहीं करना एक कमी थी।’’

दिनेशन ने यह भी स्वीकार किया कि मलप्पुरम में श्री नारायण धर्म परिपालना (एसएनडीपी) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन द्वारा मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों पर माकपा की प्रतिक्रिया में अपेक्षित स्पष्टता का अभाव था।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि पार्टी ने अपनी असहमति स्पष्ट कर दी थी लेकिन उसे इससे भी अधिक स्पष्ट और आलोचनात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। इस चूक ने विरोधियों को भ्रामक प्रचार फैलाने का अवसर दे दिया।’’

माकपा नेता ने स्वीकार किया कि पार्टी अपने चुनावी घोषणापत्र में प्रस्तुत दृष्टिकोण का प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार करने में विफल रही और एलडीएफ का चुनावी नारा भी पिछले चुनावों की तरह मतदाताओं के साथ जुड़ाव स्थापित नहीं कर सका।

पिछले 10 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को चुनाव में 140 सदस्यीय विधानसभा की केवल 35 सीट पर ही जीत मिली।

भाषा जितेंद्र शोभना

शोभना


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