केरल चुनाव परिणाम सौहार्द की मिसाल, यह असली ‘केरल स्टोरी’ है: थरूर

Ads

केरल चुनाव परिणाम सौहार्द की मिसाल, यह असली ‘केरल स्टोरी’ है: थरूर

  •  
  • Publish Date - May 7, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 05:28 PM IST

तिरुवनंतपुरम, सात मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बृहस्पतिवार को केरल विधानसभा चुनाव परिणाम को सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल करार दिया और कहा कि यह एक ऐसा राज्य है जहां मतदाता जाति और धर्म से ऊपर उठकर वोट करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यही असली ‘केरल स्टोरी है’

थरूर ने कुछ साल पहले आई एक फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को लेकर तंज किया, जिसमें केरल में कथित लव जेहाद को लेकर राज्य को नकारात्मक रूप से चित्रित किया गया था।

तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हाल के चुनाव परिणामों से एक ‘केरल स्टोरी’ पर संप्रदायिक लोगों को ध्यान देना चाहिए। मुस्लिम बहुसंख्यक वाले निर्वाचन क्षेत्र थावनूर में एक ईसाई, वीएस जॉय को चुना गया, हिंदू बहुसंख्यक वाले निर्वाचन क्षेत्र कलामासेरी में मुस्लिम उम्मीदवार वीई अब्दुल गफूर को चुना गया और एक ईसाई बहुसंख्यक निर्वाचन क्षेत्र कोच्चि में मुस्लिम उम्मीदवार मुहम्मद शिया को चुना गया।’’

उनका कहना हे कि पहचान की राजनीति के पक्ष में राष्ट्रीय स्तर के रुझानों का कुछ असर होने के बावजूद केरल सांप्रदायिक सद्भाव का एक मॉडल बना हुआ है और एक ऐसा राज्य है जहां लोग पहले मनुष्य देखते हैं और बाद में उसकी जाति या धर्म देखते हैं।

थरूर ने बाद में एक और पोस्ट किया जब कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने ऐसे उदाहरण की अनुपस्थिति की ओर इशारा किया जहां एक मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र में किसी हिंदू उम्मीदवार को चुना गया हो।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि कुछ लोगों ने मेरी कहानी में एक ‘गायब लिंक’ पर टिप्पणी की है, जिसमें एक मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र में एक हिंदू उम्मीदवार को चुनने का सबूत मांगा गया है। यह हाल ही में त्रिकारिपुर में भी हुआ है, जहां संदीप वेरियर ने यूडीएफ उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। यह मेरी ‘केरल स्टोरी’ को मजबूत करने के लिए चौथा उदाहरण है।’’

भाषा हक

हक माधव

माधव