केरल: भूटान से महंगी पुरानी कारों की तस्करी के आरोप में पांच लोग गिरफ्तार
केरल: भूटान से महंगी पुरानी कारों की तस्करी के आरोप में पांच लोग गिरफ्तार
कोच्चि, सात मार्च (भाषा) सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्त कार्यालय ने भूटान से महंगी पुरानी कारों की तस्करी के आरोप में पश्चिम बंगाल और असम से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सीमा शुल्क विभाग ने एक बयान में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक की पहचान पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में जयगांव के विश्वदीप दास (35) के रूप में हुई है जबकि अन्य चारों की पहचान असम के कामरूप जिले में पलटनबाजार के निवासी दीपक पटवारी (57), बोंगाईगांव जिले में जोगीघोपा के निवासी अयूब अली, ग्वालपारा जिले में बोलादमरी के निवासी एमडी मुस्तफा अहमद (35) और धुबरी जिले में चापर के जलाल मंडल (31) के रूप में हुई है।
सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि पटवारी असम के बोंगाईगांव के जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) था।
अधिकारियों ने बताया कि असम और पश्चिम बंगाल में व्यापक जांच के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों की पुलिस और सीमा शुल्क इकाइयों की सहायता ली गई।
सीमा शुल्क विभाग ने कहा, ‘‘असम पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 460 ऐसे वाहनों का पंजीकरण कराया था। इनमें विदेश निर्मित कारें और साथ ही भारत में निर्मित वाहन शामिल हैं जिन्हें पहले निर्यात किया गया था और बाद में सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना अवैध रूप से देश में वापस लाया गया था। इन्हें जाली दस्तावेजों का उपयोग करके अवैध रूप से पंजीकृत किया गया था।’’
भूटान से महंगी एसयूवी सहित इस्तेमाल किए गए वाहनों की भारत में अवैध तस्करी किए जाने की रिपोर्ट मिलने के बाद कोच्चि स्थित सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्त कार्यालय ने पिछले साल ‘‘ऑपरेशन नुमखोर’’ शुरू किया था। ऐसी सूचना थी कि तस्करी किए गए वाहनों का विभिन्न राज्यों में पुन: पंजीकरण किया जा रहा था और उन खरीदारों को बेचा जा रहा था जो दावा करते थे कि उन्हें कानूनी रूप से आयात किया गया था।
पिछले साल सीमा शुल्क विभाग ने केरल में फिल्म अभिनेताओं की कारों सहित कई वाहनों को जब्त किया था जिन्हें भूटान से वाहनों की अवैध तस्करी में शामिल व्यक्तियों द्वारा उन्हें बेचा गया था।
सीमा शुल्क विभाग के बयान में कहा गया है कि दास भूटान से वाहनों की तस्करी का मास्टरमाइंड था। दास को 22 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और वह एक प्रमुख आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कंपनी का कर्मचारी है।
दास को भारत-भूटान सीमा के पास से पकड़ा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले ट्रांजिट वारंट पर कोच्चि लाया गया।
सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में एक ही चेसिस (वाहन पहचान संख्या) और इंजन नंबर वाले 15,849 वाहन पंजीकृत थे।
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी

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