केरल में बढ़ती गर्मी के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, पेय पदार्थों की विशेष जांच तेज

केरल में बढ़ती गर्मी के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, पेय पदार्थों की विशेष जांच तेज

केरल में बढ़ती गर्मी के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, पेय पदार्थों की विशेष जांच तेज
Modified Date: April 18, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: April 18, 2026 5:36 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 18 अप्रैल (भाषा) केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने शनिवार को कहा कि राज्य में बढ़ती गर्मी के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पेयजल स्रोतों, जूस की दुकानों और पेय पदार्थ निर्माण इकाइयों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। उन्होंने एक बयान में बताया कि एक मार्च से शुरू हुए इस निरीक्षण अभियान के तहत अब तक 3,641 प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है।

बयान के मुताबिक अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को 291 सुधार नोटिस और 219 को जुर्माना नोटिस जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने जूस और शीतल पेय के 506 नमूने तथा पेयजल और बोतलबंद पानी के 118 नमूने एकत्र किए हैं।

इसके अलावा, 36 वैधानिक नमूने भी लिए गए, जिनमें से दो नमूने जांच के दौरान निम्नस्तरीय पाए गए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान को और तेज किया जाएगा।

गर्मी के चरम पर पहुंचने के साथ ही लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है, भले ही उन्हें प्यास न लगे, और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पीने का पानी सुरक्षित और स्वच्छ हो।

स्वास्थ्य संबंधी एक अहम चिंता का उल्लेख करते हुए मंत्री ने चेतावनी दी कि जूस में इस्तेमाल होने वाली दूषित बर्फ गर्मियों में बड़ा खतरा पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से बनी बर्फ विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकती है और विक्रेताओं से बर्फ बनाने के लिए केवल स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

जिलों में खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्तों के नेतृत्व में विशेष दल सड़क किनारे ठेलों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक सभी प्रकार के आउटलेट्स की जांच कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि बिना अनुमति या नकली बोतलबंद पानी की बिक्री के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं से बोतलबंद पानी की गुणवत्ता जांचकर ही उसका उपयोग करने का आग्रह किया।

भाषा रवि कांत रवि कांत धीरज

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