केरलम : सशस्त्र लुटेरों के गिरोह ने प्रवासी मजदूरों को निर्वस्त्र कर लूटपाट की

केरलम : सशस्त्र लुटेरों के गिरोह ने प्रवासी मजदूरों को निर्वस्त्र कर लूटपाट की

केरलम : सशस्त्र लुटेरों के गिरोह ने प्रवासी मजदूरों को निर्वस्त्र कर लूटपाट की
Modified Date: September 18, 2026 / 02:25 pm IST
Published Date: September 18, 2026 2:25 pm IST

कोच्चि (केरलम), 18 सितंबर (भाषा) यहां पलारीवट्टम में हथियारों से लैस पांच लोगों के एक गिरोह ने कथित तौर पर एक घर में घुसकर तीन महिलाओं सहित सात प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाकर उनके कपड़े उतरवाए और 6.05 लाख रुपये से अधिक की कीमत के सामान लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार देर रात 12.30 बजे से 1.15 बजे के बीच संस्कार जंक्शन के पास एक घर में हुई, जहां असम और पश्चिम बंगाल के सात मजदूर (चार पुरुष और तीन महिलाएं) एक साथ रह रहे थे।

पलारीवट्टम पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, हथियारबंद पांच लोग जबरन घर में दाखिल हुए और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। आरोपियों ने घर में मौजूद लोगों को चाकू का भय दिखाकर बंधक बना लिया।

आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ितों के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने कथित तौर पर एक पुरुष मजदूर को अपनी ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड बताने के लिए मजबूर किया और उसके खाते से दो किश्तों में कुल 12,000 रुपये निकाल लिये।

पुलिस ने बताया कि कीमती सामान की तलाशी के दौरान, गिरोह ने कथित तौर महिलाओं सहित प्रवासी मजदूरों के कपड़े उतरवा दिए। उसने बताया कि हमलावरों ने कथित तौर पर 1.2 लाख रुपये की सोने की चेन और 60,000 रुपये के सोने के कुंडल छीन लिए। आरोपियों ने कथित तौर पर 1.2 लाख रुपये नकद, 3.05 लाख रुपये कीमत के 10 मोबाइल फोन, पर्स, एटीएम कार्ड और निजी पहचान के दस्तावेज भी साथ ले लिए।

पुलिस ने मामले में डकैती, हथियारबंद घुसपैठ और मारपीट से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच से संकेत मिला है कि इस गिरोह में चार स्थानीय लोग और एक हिंदी भाषी व्यक्ति शामिल था। उसने बताया कि आरोपियों में से कम से कम एक व्यक्ति पीड़ितों को जानता था।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और संदिग्धों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

भाषा धीरज वैभव

वैभव


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