नेपाल में बाढ़ के बाद लापता भारतीयों की स्थिति पर केरलम सरकार की नजर : सतीशन
नेपाल में बाढ़ के बाद लापता भारतीयों की स्थिति पर केरलम सरकार की नजर : सतीशन
(फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 26 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार नेपाल में स्थिति पर नजर रख रही है, जहां अचानक आई बाढ़ के बाद 100 से अधिक भारतीयों के लापता होने की खबर है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ में लापता लोगों में 100 से अधिक भारतीय शामिल हैं।
सीएमओ ने एक बयान में कहा कि सतीशन के निर्देश पर मुख्य सचिव ए. जयतिलक स्थिति की जानकारी हासिल करने के लिए विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। इसने नेपाल की यात्रा पर गए मलयालियों से संपर्क नहीं हो पाने वाले परिवारों से मुख्यमंत्री कार्यालय को इसकी सूचना देने की भी अपील की।
बयान के अनुसार, प्रभावित परिवार 9447111844 या 9747132147 नंबर पर सीएमओ से संपर्क कर सकते हैं।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भी लोगों से नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका वाले मलयाली लोगों की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1070 पर देने की अपील की है।
केएसडीएमए ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लोगों से संबंधित व्यक्ति का नाम, यात्रा की तारीख, प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने की अनुमानित तारीख, आखिरी बार संपर्क होने की तारीख, मोबाइल नंबर और यात्रा की व्यवस्था करने वाली एजेंसी का नाम उपलब्ध कराने को कहा है।
प्राधिकरण ने कहा कि प्राप्त जानकारी को संकलित कर आधिकारिक माध्यमों से नेपाल सरकार को भेजा जाएगा।
नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने मध्य क्षेत्र में तबाही मचा दी। बाढ़ में 17 लोगों की मौत हो गई और करीब 500 लोग लापता बताए गए हैं। इससे कस्बों और गांवों में व्यापक नुकसान हुआ, पुल बह गए तथा कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं।
बाढ़ के बाद लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर लोग तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे तिब्बत की सीमा से सटे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए। बाद में बाढ़ नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई।
बाढ़ से कम से कम चार स्थायी पुल और कई अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव

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