केरल सरकार ने वायनाड टाउनशिप को लेकर जनता को ‘गुमराह’ किया : सतीशन

केरल सरकार ने वायनाड टाउनशिप को लेकर जनता को ‘गुमराह’ किया : सतीशन

केरल सरकार ने वायनाड टाउनशिप को लेकर जनता को ‘गुमराह’ किया : सतीशन
Modified Date: April 19, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: April 19, 2026 5:07 pm IST

कोच्चि (केरल), 19 अप्रैल (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वायनाड में 2024 के भूस्खलन पीड़ितों के लिए एक टाउनशिप का उद्घाटन लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने के लिए किया है।

मुंडक्कई-चूरलमला में हुए विनाशकारी भूस्खलन के लगभग दो साल बाद केरल सरकार ने एल्टन एस्टेट में वायनाड मॉडल टाउनशिप विकसित की और इस वर्ष एक मार्च को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने एक समारोह का उद्घाटन करने के बाद 178 परिवारों को आवास उपलब्ध कराया।

कोच्चि में पत्रकारों ने जब सतीशन से भूस्खलन पीड़ितों के लिए निर्मित घरों में दरारों और लीक की समस्या तथा स्थिति का आकलन करने पहुंचे राजस्व मंत्री के. राजन के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मंत्री कोई विशेषज्ञ नहीं हैं, जो निर्माण संबंधी मुद्दों की जांच करेंगे और ऐसे आकलन इंजीनियरों द्वारा किए जाने चाहिए।

सतीशन ने कहा कि ये घर रहने के लिहाज से अब भी उपयुक्त नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं ने कांग्रेस द्वारा भूस्खलन पीड़ितों के लिए बनाई जा रही आवास परियोजना को लेकर आरोप लगाए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पर आरोप है कि शिलान्यास करने के बाद भी हम अपनी आवास परियोजना शुरू नहीं कर सके। मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए घरों में कोई नहीं रह रहा है, क्योंकि वे तैयार नहीं हैं। इसलिए, चुनाव से पहले लोगों को धोखा देने के लिए उद्घाटन किया गया था।’’

उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री और सरकार जनता को जवाब दें।

शबरिमला सोना गायब होने के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही जांच पर सतीशन ने कहा कि जांच से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।

उन्होंने दावा किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालतों ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कथित तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के दबाव में आकर एसआईटी ने प्रारंभिक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया, जिसके कारण आरोपियों को वैधानिक जमानत मिल गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार से जुड़े मामलों में उचित जांच नहीं करेगी।

उन्होंने पूछा, ‘‘ईडी ने मुख्यमंत्री के बेटे को समन जारी किया था। उसका क्या हुआ? क्या वे शबरिमला मामले की जांच करेंगे?’’

भाषा सुरभि दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में