अस्पताल में लावारिस छोड़ दिये गये मरीजों की खातिर हर जिले में केंद्र बनाये केरल सरकार: राज्य मानवाधिकार आयोग
अस्पताल में लावारिस छोड़ दिये गये मरीजों की खातिर हर जिले में केंद्र बनाये केरल सरकार: राज्य मानवाधिकार आयोग
तिरुवनंतपुरम, पांच मई (भाषा) केरल मानवाधिकार आयोग (केआरसी) ने मंगलवार को राज्य प्रशासन से कहा कि वह सामाजिक न्याय विभाग की उस सिफारिश पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय ले जिसमें अस्पतालों में लावारिस छोड़ दिये गये मरीजों की देखभाल के लिए हर जिले में कम से कम एक संस्था स्थापित करने की संस्तुति की गयी है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने सरकारी अस्पतालों में लावारिस छोड़ दिये गये मरीजों पर मीडिया की एक खबर का स्वत: संज्ञान लेकर केआरसी द्वारा दर्ज मामले पर विचार करते हुए यह निर्देश जारी किया।
आयोग ने बेसहारा कल्याण योजना का सभी जिलों तक विस्तार करने का भी आह्वान किया जिससे अधिक स्वैच्छिक संगठनों को अनुदान मिल सके तथा वे सड़कों पर भटकने वाले और ठीक होने के बाद भी रिश्तेदारों द्वारा वापस घर नही ले गये रोगियों समेत जरूरतमंद व्यक्तियों की सुरक्षा कर सके।
आयोग के एक बयान के अनुसार, इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग के सचिव और निदेशक को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विभाग द्वारा पेश एक रिपोर्ट के अनुसार, जरूरतमंदों की देखभाल के लिए इस योजना के तहत स्वैच्छिक संगठनों को पहले से ही अनुदान प्रदान किया जा रहा है। फिलहाल तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड जिलों में ऐसे संस्थान चल रहे हैं, जबकि कन्नूर में इसी तरह की इकाई स्थापित करने के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यद्यपि सरकार द्वारा संचालित 16 वृद्धाश्रम और अनाथालय नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत लगभग 600 संस्थान हैं, लेकिन बिस्तर पर पड़े मरीजों की देखभाल के लिए पर्याप्त मानव संसाधनों की कमी से सेवाओं में रूकावटें आ रही हैं।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश

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