स्तनपान कराने वाली महिला की तस्वीर पर हाईकोर्ट का बयान-खूबसूरती और अश्लीलता नजरों में होती है

स्तनपान कराने वाली महिला की तस्वीर पर हाईकोर्ट का बयान-खूबसूरती और अश्लीलता नजरों में होती है

स्तनपान कराने वाली महिला की तस्वीर पर हाईकोर्ट का बयान-खूबसूरती और अश्लीलता नजरों में होती है
Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: June 22, 2018 11:58 am IST

नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने एक मैग्जीन के कवर पेज पर एक मॉडल के स्तनपान की तस्वीर छापने को लेकर मलयालम पत्रिका के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग वाली याचिका को निरस्त करते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए अश्लील चीजें दूसरों के लिए कलात्मक हो सकती हैं।

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न्यायमूर्ति एंटनी डोमिनिक और न्यायमूर्ति दामा शेषाद्रि नायडू की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हमें तस्वीर में कुछ भी अश्लील नहीं लग रहा है , न ही इसके कैप्शन में कुछ आपत्तिजनक है।

हम तस्वीर को उन्हीं नजरों से देख रहे हैं जिन नजरों से हम राजा रवि वर्मा जैसे कलाकारों की पेंटिंग्स को देखते हैं। पीठ ने कहा कि चूंकि सौंदर्य देखने वाले की नजर में होता है उसी तरह अश्लीलता भी संभवत: नजर में होती है। 

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गौरतलब है कि गृहलक्ष्मी पत्रिका ने अपनी कवर पेज पर ब्रेस्टफीडिंग की तस्वीर छापी थी। मलयालम की मशहूर अभिनेत्री गिलू जोज़फ को ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए दिखाया गया था। पत्रिका ने तस्वीर के साथ पंच लाइन दी थी- ‘माताएं केरल को कह दो ना घूरे, हमारा ब्रेस्टफीड कराना जरूरी है।’ इस फोटो के छपने के बाद विवाद शुरू हो गया था। किसी ने इस तस्वीर को कामुकता बढ़ाने वाला तो किसी ने धार्मिक-सांप्रदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया था। वकील विनोद मैथ्यू विल्सन ने इस तस्वीर के खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि तस्वीर कामुकता वाली है और महिला की गरिमा को नीचा दिखाती है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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