Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें’… छत्तीसगढ़ के इस मंत्री के बयान से मचा बवाल, पीएम मोदी से की इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील

Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें'... छत्तीसगढ़ के इस मंत्री के बयान से मचा बवाल, पीएम मोदी से की इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील

Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें’… छत्तीसगढ़ के इस मंत्री के बयान से मचा बवाल, पीएम मोदी से की इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील

Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें'... छत्तीसगढ़ के इस मंत्री के बयान से मचा बवाल, पीएम मोदी से की इस्तीफा स्वीकार न करने की अपील/image: IBC24

Modified Date: July 25, 2026 / 04:35 pm IST
Published Date: July 25, 2026 4:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गजेंद्र यादव ने पीएम मोदी से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने की अपील की
  • बोले- "NEET का पेपर कहीं से भी लीक हो सकता है, सरकार ने पर्याप्त कार्रवाई की है
  • पेपर लीक पर सख्ती के लिए Paper Leak Amendment Bill को कैबिनेट की मंजूरी मिली

रायपुर। Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले में आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) की बड़ी जीत मानी जा रही है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी। वहीं, अब इस मामले में छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बड़ा बयान सामने आया है।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा वापस ले लें। गजेंद्र यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार ना करें। उन्होंने कहा कि हम देख रहे है कि एग्जाम में सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है, जांच कमिटी बनाई है जो शिक्षा हित में पर्याप्त है। उनका कहना है कि नीट के एग्जाम कही से भी लीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान देश हित में अपना इस्तीफ़ा वापस लें। आजादी के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है और स्कूलों में नवाचार धर्मेंद्र प्रधान की ही देन है।

 

 

Gajendra Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान सामने आया है। बैज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दिया है। जनता और छात्र के चौतरफा दबाव के चलते दिया गया। मोदी सरकार अपनी कुर्सी बचाने इस्तीफा उन्हें दिलाया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। पेपर लीक और छात्रों की जान के बदले पूरी सरकार को माफी मांगनी चाहिए।

 

अपने इस्तीफा पत्र में प्रधान ने क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के  राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली: धर्मेंद्र प्रधान

उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

Dharmendra Pradhan Resignation News बता दें कि परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। पेपर लीक संशोधन विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई थी। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी दी गई। अब इस बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।


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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.