केरल में सूर्य की रोशनी में उच्च यूवी सूचकांक दर्ज, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
केरल में सूर्य की रोशनी में उच्च यूवी सूचकांक दर्ज, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
तिरुवनंतपुरम, 15 अप्रैल (भाषा) केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने पिछले 24 घंटों में राज्य में सूर्य की रोशनी में उच्च पराबैंगनी (यूवी) सूचकांक दर्ज किए जाने के मद्देनजर बुधवार को लोगों से पर्याप्त सावधानी बरतने की अपील की।
केएसडीएमए ने एक बयान में कहा कि पराबैंगनी किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से ‘सनबर्न’ (धूप में झुलसना), त्वचा रोग, आंखों की समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
बयान में कहा गया है कि सामान्यतः सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच यूवी सूचकांक का स्तर अधिक रहता है, इसलिए लोगों को इस दौरान लंबे समय तक सीधे धूप के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है।
बयान के अनुसार, ‘‘खुले स्थानों पर कार्यों में लगे लोग, समुद्री और मत्स्य पालन में लगे मछुआरे, जल परिवहन से जुड़े लोग, मोटरसाइकिल पर सवार, पर्यटक, त्वचा रोग से पीड़ित व्यक्ति, अल्बिनिज़्म (वर्णहीनता) से ग्रस्त लोग, आंखों के रोगी, कैंसर के मरीज और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।’’
दिन के समय बाहर निकलने वाले लोगों को टोपी, छाता और धूप का चश्मा इस्तेमाल करने तथा शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
इसी तरह यात्रा और अन्य बाहरी गतिविधियों के दौरान लोगों को बीच-बीच में विराम लेकर छायादार स्थानों पर आराम करने की भी सलाह दी जाती है।
केएसडीएमए ने कहा, ‘‘ऊंचाई वाले और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में आमतौर पर यूवी सूचकांक अधिक होता है। साफ आसमान में भी यूवी स्तर ऊंचा रह सकता है। इसके अलावा, जल निकायों और रेत जैसी सतहें पराबैंगनी किरणों को परावर्तित करती हैं, जिससे इन क्षेत्रों में संपर्क और बढ़ जाता है।’’
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

Facebook


