मुल्लापेरियार बांध सुरक्षा समिति से केरल को दरकिनार किया गया, केंद्र हस्तक्षेप करे: सांसद कुरियाकोस
मुल्लापेरियार बांध सुरक्षा समिति से केरल को दरकिनार किया गया, केंद्र हस्तक्षेप करे: सांसद कुरियाकोस
तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस ने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा का मूल्यांकन करने के लिए गठित समिति से केरल के प्रतिनिधि को हटाए जाने के बाद सोमवार को आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राज्य को अन्यायपूर्ण तरीके से दरकिनार किया गया है।
उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
कुरियाकोस ने मीडिया से कहा कि केरल को राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) से न्याय की उम्मीद है, जिसका गठन राष्ट्रीय बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य के प्रतिनिधि टी. के. शिवराजन को हाल में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के तहत गठित पांच सदस्यीय व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन समिति (सीडीएसईसी) से हटा दिया गया है। यह समिति एनडीएसए के तहत मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा का आकलन करने के लिए बनाई गई थी, जिसे लेकर केरल और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद है।
कुरियाकोस ने आरोप लगाया कि केरल सरकार द्वारा भेजे गए तीन नामों के पैनल में चुने गए राज्य के प्रतिनिधि को बिना राज्य से परामर्श किए या सूचना दिए एकतरफा तरीके से हटा दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह अस्वीकार्य है और संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी केरल के प्रतिनिधि को एकतरफा तरीके से हटा दिया गया है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखा है और उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार समिति में केरल के प्रतिनिधित्व को बहाल करने के लिए शीघ्र कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि केरल का रुख लगातार यह रहा है कि मुल्लापेरियार में एक नया बांध बनाया जाना चाहिए, ताकि निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के हालिया बयानों की भी आलोचना की, जिन्होंने कथित तौर पर नए बांध के निर्माण का विरोध किया और जल स्तर को और बढ़ाने का समर्थन किया।
कुरियाकोस ने कहा, ‘‘यह रुख निराशाजनक है और केरल की चिंताओं के खिलाफ है। इस मुद्दे में केरल के पांच जिलों में रहने वाले लाखों लोगों की सुरक्षा शामिल है।’’
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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