केरल के छात्र ने राजस्थान में अपने दोस्तों को ‘गेस पेपर’ भेजा: एसओजी

केरल के छात्र ने राजस्थान में अपने दोस्तों को 'गेस पेपर' भेजा: एसओजी

केरल के छात्र ने राजस्थान में अपने दोस्तों को ‘गेस पेपर’ भेजा: एसओजी
Modified Date: May 13, 2026 / 03:09 pm IST
Published Date: May 13, 2026 3:09 pm IST

जयपुर, 13 मई (भाषा) राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के अनुसार नीट-यूजी 2026 मेडिकल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते सवाल वाला ‘गेस पेपर’ मूल रूप से केरल के एक छात्र से यहां सीकर के छात्र को मिला था।

एसओजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे इस छात्र ने यह पेपर अपने दोस्तों और एक हॉस्टल मालिक के साथ साझा किया था।

एसओजी के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने बताया कि उक्त छात्र को यह सामग्री सबसे पहले अपने एक दोस्त से मिली जिसे उसने इसे सीकर में दूसरों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि इसके बाद यह दस्तावेज कोचिंग कर रहे कई छात्रों तक पहुंचा और फिर तीन मई को परीक्षा से पहले जयपुर और आस-पास के इलाकों के अभ्यर्थियों तक भी पहुंच गया।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केरल वाले छात्र ने यह ‘गेस पेपर’ सीकर के एक हॉस्टल मालिक और अपने कुछ दोस्तों को भेजा। उन्होंने बताया कि हॉस्टल मालिक ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के साथ यह ‘गेस पेपर’ साझा करते हुए कहा था कि यह उनके काम आ सकता है।

उन्होंने बताया कि हालांकि, बाद में खुद हॉस्टल मालिक ने ही स्थानीय पुलिस को इस ‘गेस पेपर’ के बारे में सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि उसने बताया था कि बड़ी संख्या में छात्रों के बीच एक ‘क्वेश्चन बैंक’ (प्रश्न संग्रह) बांटा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान पहुंचने से पहले यह सामग्री कथित तौर पर हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए भेजी गई थी।

नीट पेपर लीक की अफवाहों से जुड़ी जानकारियों पर कार्रवाई करते हुए सीकर, झुंझुनू, अलवर, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और एसओजी की संयुक्त पुलिस दलों ने 150 से अधिक अभ्यर्थियों, उनके दोस्तों और माता-पिता से पूछताछ की।

अधिकारी ने बताया, ‘जांच में पता चला कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही यह पेपर कथित तौर पर राजस्थान में कुछ लोगों तक पहुंच गया था।’

लांबा ने बताया कि जांच के नतीजों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के साथ साझा किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई।

जांच का जिम्मा संभालने के लिए सीबीआई की टीम मंगलवार देर शाम एसओजी के दफ़्तर पहुंची। अधिकारियों के अनुसार एसओजी की जांच के दौरान जुटाए गए बयान और सबूत सीबीआई टीम के साथ साझा कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई लोगों पर संगठित नेटवर्क के रूप में काम करने का शक है और उनसे पूछताछ जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि 24 से अधिक संदिग्धों को सीबीआई को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगली कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी। पुलिस ने बताया कि जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें से अधिकतर या तो नीट के अभ्यर्थी है या इस परीक्षा में बैठने वाले छात्रों से सीधे तौर पर जुड़े हैं।

जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि एक दूसरे को भेजी गई ‘पीडीएफ’ फाइल में रसायन विज्ञान के लगभग 45 और जीव विज्ञान के 90 सवाल थे, जिनके प्रश्न कथित तौर पर असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे। अधिकारियों के अनुसार एक सोशल मीडिया ‘ग्रुप’ भी सामने आया है, जिसमें ‘पासवर्ड से सुरक्षित’ पीडीएफ फाइल वितरित की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जांच में कोचिंग संस्थानों की कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के बाद सीकर में एक हॉस्टल मालिक ने उद्योग नगर पुलिस थाने और एनटीए में शिकायत दर्ज कराई जिसमें आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में छात्रों के बीच एक ‘क्वेश्चन बैंक’ बांटा गया था।

उन्होंने कहा, ‘यह सामग्री सीकर में ‘गैस क्वेश्चन’ (अनुमानित प्रश्न) के बहाने वितरित की गई थी और इसे कई तरीकों से बांटा गया था। इस मामले में राजस्थान में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और कानूनी कार्रवाई सीबीआई करेगी, जो इस मामले की जांच कर रही है।’’

भाषा पृथ्वी मनीषा अमित

अमित


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