केरल : ‘कर्किडका वावु’ के अवसर पर हजारों लोगों ‘बलि तर्पण’ के लिए उमड़े

केरल : ‘कर्किडका वावु’ के अवसर पर हजारों लोगों ‘बलि तर्पण’ के लिए उमड़े

केरल : ‘कर्किडका वावु’ के अवसर पर हजारों लोगों ‘बलि तर्पण’ के लिए उमड़े
Modified Date: August 12, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: August 12, 2026 4:06 pm IST

तिरुवंनतपुरम, 12 अगस्त (भाषा) केरल में हजारों लोग ‘कर्किडका वावु’ के अवसर पर अपने पूर्वजों को नमन करने और ‘बलि तर्पण’ अनुष्ठान करने के लिए बुधवार तड़के ही ‘स्नान घाटों’ पर पहुंवे और स्नान के उपरांत मंदिरों में पूजा अर्चना की।

अनुष्ठान तिरुवनंतपुरम में तिरुवल्लम परशुरामम मंदिर, कोल्लम में तिरुमुल्लावरम समुद्र तट और राज्य भर में वर्कला, शंखुमुघम, वेली, अरुविक्करा, अरुविप्पुरम, कादिनामकुलम, अलुवा, तिरुनावया में अन्य ‘तर्पण’ स्थलों में किए गए।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने नेत्तूर स्थित तिरुनेत्तूर महादेव मंदिर में अनुष्ठान किया। यहीं पर उनका पैतृक मकान भी है।

मुख्यमंत्री ने सरोवर में स्नान, मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान का वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया और एक पोस्ट में लिखा, ‘‘कर्किडका वावु के मौके पर तिरुनेत्तूर महादेव मंदिर में ‘पितृ तर्पण’ किया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ‘बलि तर्पण’ की ‘सदियों पुरानी परंपरा’ इस बात की याद दिलाती है कि समाज तभी मजबूत रहता है जब वह अपनी जड़ों को याद रखता है और अपने पूर्वजों का सम्मान करता है।

उन्होंने कहा,‘‘ आज ‘कर्किडका वावु’ है – एक पवित्र दिन, जब दुनिया भर के मलयाली लोग कृतज्ञता और श्रद्धा के साथ अपने पूर्वजों को ‘बलि-तर्पण’ अर्पित करते हैं। यह सदियों पुरानी परंपरा हमें याद दिलाती है कि समाज तभी मजबूत बना रहता है जब वह अपनी जड़ों को याद रखे, अपने पूर्वजों का सम्मान करे और उनके द्वारा हमें सौंपी गई जीवन-मूल्यों की विरासत को आगे बढ़ाए।’’

राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं द्वारा तर्पण केंद्रों पर अनुष्ठान की तस्वीरें सामने आई।

वरकला जैसे समुद्र तटों पर तेज लहरों की वजह से श्रद्धालुओं को पूजा-सामग्री विसर्जित करने या डुबकी लगाने के लिए समुद्र में जाने की अनुमति नहीं दी गई।

केरल के देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा था कि विभिन्न देवस्वओम बोर्ड के तहत ‘तर्पण’ केंद्रों पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

लोगों को तर्पण केंद्रों तक पहुंचने की सुविधा देने के लिए केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने मंगलवार देर रात दो बजे से राज्य के 13 बलि तर्पण केंद्रों तक विशेष बस सेवाएं संचालित कीं।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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