Chhattisgarh Liquor Scam: राजीव भवन में ही रामगोपाल को दिए गए थे शराब स्कैम से इतने रुपए, पूछताछ में ED को नहीं किया सहयोग, जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा

राजीव भवन में ही रामगोपाल को दिए गए थे शराब स्कैम से इतने रुपए, Chhattisgarh Liquor Scam: ED Reveals Details on Ram Gopal Arrest

Chhattisgarh Liquor Scam: राजीव भवन में ही रामगोपाल को दिए गए थे शराब स्कैम से इतने रुपए, पूछताछ में ED को नहीं किया सहयोग, जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा
Modified Date: August 12, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: August 12, 2026 9:58 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित 3,000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है। ईडी के अनुसार, शराब घोटाले से हासिल कथित अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि घोटाले से जुटाई गई बेहिसाब नकदी को रायपुर स्थित ‘राजीव भवन’ में रामगोपाल अग्रवाल को डिलीवर किया जाता था। ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया है। फिलहाल वे पांच दिन की ईडी कस्टोडियल रिमांड पर हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के तौर पर भूमिका का आरोप

ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े अवैध लेन-देन और नकदी के वितरण की जांच में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले से निकलने वाली बेहिसाब नकदी का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में मिलता था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस कथित अवैध नकदी को रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाया जाता था। ईडी अब इस कथित नकदी लेन-देन के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

घोटालों की कमाई एडजस्ट करने का आरोप

ईडी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल ने कथित तौर पर घोटालों से प्राप्त रकम को एडजस्ट करने में भी भूमिका निभाई। जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कमाई के बड़े हिस्से के लेन-देन और उसके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले की रकम किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंचाई गई तथा इस पूरी व्यवस्था में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका कितनी व्यापक थी।

पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड

गिरफ्तारी के बाद रामगोपाल अग्रवाल को अदालत में पेश किया गया, जहां से ईडी को पूछताछ के लिए पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड मिली है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कथित अवैध नकदी के नेटवर्क और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। ईडी के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

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लेखक के बारे में

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