केआईडी कैप्सूल ने पीएसएलवी-सी62 से अलग होने के बाद डाटा भेजा: स्पेनिश स्टार्टअप
केआईडी कैप्सूल ने पीएसएलवी-सी62 से अलग होने के बाद डाटा भेजा: स्पेनिश स्टार्टअप
चेन्नई, 14 जनवरी (भाषा) इसरो के पीएसएलवी-सी62 मिशन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इस रॉकेट द्वारा ले जाया गया केआईडी (केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर) कैप्सूल ‘‘नष्ट नहीं हुआ और उसने डाटा भेजा’’। पेलोड विकसित करने वाली स्पेनिश स्टार्टअप कंपनी ‘ऑर्बिटल पैराडिगम’ ने यह दावा किया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हालांकि कंपनी के इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की और न ही इसकी पुष्टि की। इस दावे को 13 जनवरी को ‘एक्स’ पर उसके आधिकारिक अकाउंट पर साझा किया गया था।
एक विदेशी पृथ्वी अवलोकन उपग्रह समेत 16 उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष के लिए रवाना होने वाले इसरो के पीएसएलवी-सी62 रॉकेट को प्रक्षेपण के तीसरे चरण में “गड़बड़ी का सामना करना पड़ा।” इससे यह रॉकेट उड़ान पथ से भटक गया था और उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा था। इसरो ने सोमवार को यह जानकारी दी थी।
पीएसएलवी-सी62 ने स्पेन के एक स्टार्टअप द्वारा विकसित 25 किलोग्राम वजन के केआईडी कैप्सूल को भी लेकर उड़ान भरी थी, जो पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने में सक्षम वाहन का एक छोटा प्रोटोटाइप था।
‘ऑर्बिटल पैराडिगम’ ने कहा, ‘‘हमारे केआईडी कैप्सूल ने तमाम मुश्किलों के बावजूद पीएसएलवी-सी62 से अलग होकर काम करना शुरू किया और डाटा भेजना शुरू कर दिया।’’
इस मिशन का उद्देश्य लगभग 17 मिनट की उड़ान के बाद एक प्राथमिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और 15 सह-यात्री उपग्रहों को 512 किलोमीटर ऊंची सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित करना था। बाद में, रॉकेट के चौथे चरण (पीएस4) और केआईडी कैप्सूल को पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने और दक्षिण प्रशांत महासागर में उतरने की योजना थी।
स्पेनिश स्टार्टअप ने कहा कि पीएसएलवी-सी62 मिशन के विफल होने के बावजूद, केवल केआईडी कैप्सूल ही बच पाया, पीएसएलवी-सी62 रॉकेट से अलग हो गया और डाटा भेजा।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश

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