जयपुर में ‘अपनी सेना को जानें’ प्रदर्शनी का आयोजन
जयपुर में 'अपनी सेना को जानें' प्रदर्शनी का आयोजन
जयपुर, आठ जनवरी (भाषा) राजस्थान की राजधानी जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन महाविद्यालय मैदान में बृहस्पतिवार को ‘अपनी सेना को जानें’ नामक प्रदर्शनी शुरू हुई।
इस प्रदर्शनी में धनुष, स्वचालित एंटी एयरक्राफ्ट गन, एल-70 तोप, आकाश, ब्रह्मोस, अग्निबाण, अर्जुनमार्क-1, वज्र के अलावा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले कई सैन्य उपकरणों को प्रदर्शित किया गया।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सेना के अफसरों ने मुख्यमंत्री को प्रदर्शनी में लगाए गए सैन्य उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जयपुर में आम लोगों को सेना के साहस और बलिदान से अवगत कराने के लिए 78वें सेना दिवस के तहत सैन्य हथियारों और उपकरणों की प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। पांच दिन तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में मिसाइल, ड्रोन, सेना के टैंक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हुए हथियारों को प्रदर्शित किया गया। सेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनी में 100 से अधिक हथियार प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी को देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ प्रदर्शनी स्थल पर जमा होने लगी। लोगों ने भारतीय सेना की दृढ़ता, अदम्य साहस और वीरता के बारे में जानकारी ली।
सेना के अधिकारियों और जवानों ने भी प्रदर्शनी देखने वालों की जिज्ञासाओं को शांत किया। प्रदर्शनी स्थल पर देशभक्ति के गीतों ने माहौल में जोश भर दिया।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एल-70 से पाकिस्तान के तीन ड्रोन गिराए गए। यह एक हल्की तोप है। यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को मार गिराने के लिए बनाई गई है। यह 360 डिग्री घूम सकती है। इसका वजन 4.7 टन है।
ब्रह्मोस मिसाइल के बारे में जानकारी देते हुए सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस मिसाइल का वजन 3,000 किलोग्राम है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसकी अधिकतम मारक क्षमता 450 किलोमीटर है।
इस प्रदर्शनी में पाकिस्तान का पैटन टैंक भी प्रदर्शित किया गया, जिन पर भारतीय सेना की डेक्कन हॉर्स रेजीमेंट ने 1965 के युद्ध के दौरान करारा प्रहार किया था। इस भीषण संघर्ष में 34 पाकिस्तानी टैंक नष्ट किए गए थे।
इसके अलावा प्रदर्शनी में 1961 मॉडल की एक मर्सिडीज बेंज गाड़ी है। पाकिस्तान के पूर्वी सेना कमांडर जनरल ए.ए.के नियाजी की मर्सिडीज बेंज 16 दिसंबर 1971 को ढाका में हुए बिना शर्त आत्मसमर्पण के बाद भारतीय सेना द्वारा ट्रॉफी के रूप में भारत लाई गई थी।
इस प्रदर्शनी में जयपुरवासियों ने सीमाओं से सेना के सियाचिन तक के शौर्य, बलिदान और विजयगाथा को जाना। इसमें भारतीय सेना की वर्ष 1947-2025 की वीरगाथा का वर्णन किया गया है।
भाषा
बाकोलिया
रवि कांत

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