ममता बनर्जी के शासनकाल में कोलकाता ‘झोपड़पट्टी का शहर’ बन गया: शाह

ममता बनर्जी के शासनकाल में कोलकाता 'झोपड़पट्टी का शहर' बन गया: शाह

ममता बनर्जी के शासनकाल में कोलकाता ‘झोपड़पट्टी का शहर’ बन गया: शाह
Modified Date: April 23, 2026 / 01:03 am IST
Published Date: April 23, 2026 1:03 am IST

कोलकाता, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार के शासनकाल में कोलकाता एक ‘झोपड़पट्टी का शहर’ बन चुका है, जहां घुसपैठियों को बसाया जा रहा है। इस पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उन पर बंगाल की जनता का अपमान करने का आरोप लगाया।

कोलकाता के पूर्वी बाहरी इलाके दम दम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने तृणमूल सरकार पर ‘घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने’ का आरोप लगाया और कहा कि कोलकाता की खोई हुई प्रतिष्ठा को बहाल करने की जरूरत है।

शाह ने कहा, ‘पूरे शहर को, बल्कि पूरे बंगाल को, घुसपैठियों से मुक्ति पाने के लिए मतदान करना चाहिए। कोलकाता की खोई हुई शान को वापस लाने के लिए मतदान करें। दीदी और (पूर्व) वामदलों के शासनकाल में पूरा शहर आज एक तरह से झुग्गी-झोपड़ियों के शहर में बदल गया है।’

शाह की इन टिप्पणियों पर तृणमूल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनपर कोलकाता और वहां के लोगों को बदनाम करने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कोलकाता को लंबे समय से ‘खुशियों का शहर’, ‘प्यार का शहर’, ‘भारत की सांस्कृतिक राजधानी’ और ‘पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार’ के रूप में मनाया जाता रहा है।

तृणमूल ने कहा, ‘आज अमित शाह ने उस सूची में अपना योगदान दिया। उन्होंने कोलकाता को झुग्गियों का शहर कहा। अमित शाह के लिए इस शहर में रहने वाले लोग (जिन्होंने इसे बनाया है, जो हर दिन इसमें जीवन भरते हैं) केवल झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग हैं, जो उनकी तिरस्कार के अलावा कुछ भी पाने के योग्य नहीं हैं। भाजपा बंगाल को इसी नजर से देखती है। अगर वे कभी यहां अपनी पकड़ बना लेते हैं, तो बंगाल के साथ भी वे ऐसा ही व्यवहार करेंगे।’

भाषा

शुभम रंजन

रंजन


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