कोझिकोड रेलवे स्टेशन का 100 साल से अधिक पुराना घंटाघर ढहा; कोई हताहत नहीं
कोझिकोड रेलवे स्टेशन का 100 साल से अधिक पुराना घंटाघर ढहा; कोई हताहत नहीं
कोझिकोड, नौ जुलाई (भाषा) कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर स्थित 100 साल से अधिक पुराना घंटाघर बृहस्पतिवार सुबह अचानक ढह गया। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने यह जानकारी दी।
घटना के बाद टीवी चैनलों पर प्रसारित घंटाघर के दृश्यों के अनुसार, इमारत के ऊर्ध्वाधर (खड़े) हिस्से का आधे से अधिक भाग ढहकर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर गिर गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय प्लेटफॉर्म पर कोई यात्री मौजूद नहीं था।
कोझिकोड रेलवे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि 20-25 मीटर ऊंची इस इमारत को खराब स्थिति के कारण गिराने के लिए चिह्नित किया गया था।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक पी ए मोहम्मद रियास ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इमारत के आसपास चेतावनी संकेत और अवरोधक लगाए जाने चाहिए थे। उन्होंने केरल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर मौजूद ऐसी सभी पुरानी संरचनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से ‘गैर-जिम्मेदाराना रवैया’ अपनाया गया और इससे बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी, क्योंकि यहां से हजारों यात्री रोजाना आते-जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘अगर पहले ही दरारें दिखाई दे गई थीं तो अधिकारियों को जनता को इसके खतरे के बारे में जानकारी देनी चाहिए थी और सतर्क रहने की सलाह देनी चाहिए थी। दूसरा, वहां अवरोधक लगाए जाने चाहिए थे।’
विधायक ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘इसके अलावा, यात्रियों को उस जगह से दूर करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जानी चाहिए थी। ऐसी घटना कभी नहीं होनी चाहिए थी। यह सौभाग्य की बात है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।’
रियास ने कहा कि राज्य के अन्य रेलवे स्टेशनों पर मौजूद ऐसी सभी पुरानी संरचनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘नयी इमारतों का निर्माण करते समय हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पुरानी इमारतें सुरक्षित हैं।’
भाषा तान्या रंजन
रंजन

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