Morena MGNREGA Fraud News: मनरेगा का ही बना डाला डुप्लीकेट एप, रोजाना लगाते थे हाजिरी, जानिए सचिव और रोजगार सहायक ने कैसे किया खेला

Morena MGNREGA Fraud News: जिले में मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी लगाकर करोड़ों रुपये के गबन का एक मामला सामने आया है।

Morena MGNREGA Fraud News: मनरेगा का ही बना डाला डुप्लीकेट एप, रोजाना लगाते थे हाजिरी, जानिए सचिव और रोजगार सहायक ने कैसे किया खेला

Morena MGNREGA Fraud News/Photo Creadit: Ai

Modified Date: July 9, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: July 9, 2026 2:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी के लिए क्लोन ऐप के इस्तेमाल का मामला सामने आया
  • तीन ग्राम रोजगार सहायकों को सेवा से हटाया गया
  • जिला पंचायत प्रशासन ने कई सचिवों को किया निलंबित

मुरैना। Morena MGNREGA Fraud News: मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी लगाकर करोड़ों रुपये के गबन का एक मामला सामने आया है। ये पूरा मामला मुरैना जिले का है जहां मनरेगा योजना में मजदूरों के पसीने की कमाई को तकनीक का सहारा लेकर लूट लिया गया। सरकारी खजाने में सेंध लगाने के लिए बकायदा मनरेगा क्लोन एप (MGNREGA Clone App) का इस्तेमाल किया गया और लाखों रुपये डकार लिए गए। इस खेल में कियोस्क संचालकों ने बकायदा पंचायतों को ठेके पर ले रखा था। वो खुद फर्जी हाजिरी लगाते थे और ग्राम रोजगार सहायक यानी GRS को 2% का फिक्स कमिशन बांटते थे।

3 रोजगार सहायक हटाए गए, एक पर FIR

Morena MGNREGA Fraud News इस महाघोटाले का पर्दाफाश होने के बाद 3 GRS को सेवा से हटा दिया गया है और एक आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जीआरएस राजवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस घोटाले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चौखूटी का रहने वाला कियोस्क संचालक प्रदीप गुर्जर पंचायतों में सारे निर्माण कार्य ठेके पर लेता था। इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ ने 11 जीआरएस सचिव और सरपंचों पर भी कार्रवाई की है।

क्लोन एप से लगाई जा रही थी फर्जी हाजिरी

मुरैना की धरती पर मजदूरों के पसीने की कमाई को तकनीक का मुखौटा पहनाकर लूटने का यह खेल बेहद शातिराना है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के इनपुट पर जब भोपाल से जांच बैठी तो खुलासा हुआ कि असली सरकारी एप को दरकिनार कर मनरेगा क्लोन एप से फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी। इस महाघोटाले के उजागर होने के बाद जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने तीन ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) को शासकीय सेवा से अलग तो कर दिया। इस सिंडिकेट से जुड़े कई सरपंच और सचिव भी अब तक सलाखों के पीछे होते। अब देखना यह होगा कि मुरैना पुलिस फरार चल रहे प्रदीप गुर्जर को कब तक दबोच पाती है और इस महाघोटाले के पीछे बैठे सफेदपोशों के चेहरों से नकाब कब उतरता है।

सचिवों को भी किया निलंबित

Morena MGNREGA Fraud News जिला पंचायत सीईओ सीईओ कमलेश भार्गव ने साफ कर दिया है कि शिकायतों की जांच के बाद कई ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है तो वहीं लापरवाह सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। मनरेगा ऐप से छेड़छाड़ और फर्जी हाजिरी के गंभीर मामले में एक आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

भ्रष्टाचार का आलम यह था कि एक जीआरएस ने अपनी पत्नी के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर सरकारी राशि का आहरण कर लिया। जिसे तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। यही नहीं पद का दुरुपयोग कर अपने रिश्तेदारों के घरों के सामने सरकारी सड़क बनवाने वाले एक सरपंच को भी पद से पृथक कर दिया गया है।

 

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.