कुमारस्वामी ने मुर्मू की यात्रा के दौरान ‘प्रोटोकॉल में चूक’ के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की
कुमारस्वामी ने मुर्मू की यात्रा के दौरान ‘प्रोटोकॉल में चूक’ के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की
बेंगलुरु, आठ मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने रविवार को कहा कि राजनीतिक विचारधारा में मतभेद कभी भी संवैधानिक पदों के अनादर को उचित नहीं ठहरा सकते।
जनता दल (सेक्युलर) नेता ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में प्रत्येक सरकार, चाहे वह किसी भी दल से संबद्ध हो, उन संस्थानों की गरिमा को बनाए रखे जो हमारे संवैधानिक ढांचे की रक्षा करते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी हाल की सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन पर नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया था।
मुर्मू ने संथाल सम्मेलन के आयोजन स्थल में अंतिम समय में किए गए बदलाव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के मंत्रियों की स्वागत समारोह में अनुपस्थिति का हवाला दिया था।
कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करना संविधान का घोर अपमान है। राष्ट्रपति का पद हमारे गणतंत्र की संप्रभुता, एकता एवं गरिमा का प्रतीक है और यह सभी राजनीतिक विचारों से ऊपर है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक प्राधिकरण के प्रति किसी भी प्रकार का अनादर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मूल भावना को कमजोर करता है और एक बेहद चिंताजनक मिसाल कायम करता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राजनीतिक विचारधारा में मतभेद कभी भी संवैधानिक पदों के प्रति अनादर को उचित नहीं ठहरा सकते, जिन्हें पूरे देश में सम्मान प्राप्त है।”
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पद की गरिमा बरकरार रहनी चाहिए और पक्षपातपूर्ण राजनीति के दायरे से परे होनी चाहिए।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ हुए व्यवहार से उन्हें गहरा दुख हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की प्रथम नागरिक द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा हमारे संवैधानिक लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक क्षण है। स्थापित प्रोटोकॉल की अवहेलना करते हुए और अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन का स्थान बदलकर, पश्चिम बंगाल की अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार ने न केवल राष्ट्रपति पद का अपमान किया है, बल्कि हमारी गौरवशाली आदिवासी विरासत को भी ठेस पहुंचाई है।”
भाषा जितेंद्र देवेंद्र
देवेंद्र

Facebook


