जीबीआईटी परियोजना के लिए किसानों की सहमति से ही भूमि अधिग्रहित की जाएगी : परमेश्वर

जीबीआईटी परियोजना के लिए किसानों की सहमति से ही भूमि अधिग्रहित की जाएगी : परमेश्वर

जीबीआईटी परियोजना के लिए किसानों की सहमति से ही भूमि अधिग्रहित की जाएगी : परमेश्वर
Modified Date: June 26, 2026 / 06:32 pm IST
Published Date: June 26, 2026 6:32 pm IST

बेंगलुरु, 26 जून (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी के निकट प्रस्तावित जीबीआईटी परियोजना के लिए राज्य सरकार किसानों को विश्वास में लेकर और उनकी सहमति से ही भूमि अधिग्रहित करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि टाउनशिप निर्माण के लिए किसानों को जबरन बेदखल करने का कोई औचित्य नहीं है।

परमेश्वर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिना किसी विवाद या भ्रम के ‘ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप’ का विकास करना है।

यह पूछने पर कि क्या प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप को लेकर मुख्यमंत्री का फैसला किसानों के पक्ष में बदलेगा, जिस पर उन्होंने कहा, “जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं, हम किसानों को बेदखल नहीं करेंगे। टाउनशिप बनाने के लिए किसानों को जबरन हटाने का कोई मतलब नहीं है। हम उन्हें विश्वास में लेंगे और उनकी सहमति से ही भूमि अधिग्रहित करेंगे। मुख्यमंत्री पहले ही इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर चुके हैं।”

मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर किसानों को लगता है कि प्रस्तावित मुआवजे की राशि पर्याप्त नहीं है, तो सरकार उसमें संशोधन करने के लिए तैयार है। वहीं, जनता दल सेक्युलर (जदएस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि वह प्रस्तावित जीबीआईटी परियोजना और उसके लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खिलाफ नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह शनिवार को बिदादी के निकट बायरामंगला जाकर किसानों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे।

उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए चर्चा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया है।

कुमारस्वामी ने कहा, “मैं किसानों से चर्चा करने के लिए (बिदादी) जा रहा हूं। मैंने उनसे (मुख्यमंत्री से) कहा है कि वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं, मैंने उनसे अनुरोध किया है। अगर वह आते हैं, तो अच्छा रहेगा। इससे चीजें सुचारु रूप से आगे बढ़ेंगी। कल रात से 15-20 लोग यह कहते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं कि वे अपनी जमीन देने को तैयार हैं। वे भूमि अधिग्रहण का विरोध करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।”

भाषा जितेंद्र दिलीप

दिलीप


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